भारत की चार्टर्ड एकाउंटेंसी फर्म वैश्विक स्तर पर कम्पनियां बनाएं : पीयूष गोयल

(आईसीएआई) का दीक्षांत समारोह

भारत की चार्टर्ड एकाउंटेंसी फर्म वैश्विक स्तर पर कम्पनियां बनाएं : पीयूष गोयल

आईसीएआई आज कुल 168 से अधिक शाखाओं के साथ वैश्विक स्तर पर काम कर रही है। इसी उपस्थिति दुनिया के विभिन्न शहरों में 77 केंद्रों के साथ 47 देशों में दर्ज हो चुकी है।  उन्होंने दुनिया भर में 100 केंद्र स्थापित करने के प्रयासों के लिए आईसीएआई को बधाई देते हुए, संस्थान से दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में भी अपनी उपस्थिति का विस्तार करने के लिए कहा।

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने  भारत के चार्टर्ड एकाउंटेंट्स से देश की चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्मों को वैश्विक स्तर की कंपनियां बनाने का प्रयास करने का आह्वान किया। वह यहां सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। गोयल ने चार्टर्ड लेखाकारों (सीएस) के पेशे को महान व्यवसायों में से एक करार दिया और कहा कि सीए के दस्तखत वाले प्रमाण-पत्र को दस्तावेज़ की सामग्री और उसकी सत्यता, विश्वसनीयता और सच्चाई का प्रमाण माना जाता है। गोयल के पास उपभोक्ता मामले,खाद्य और सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्रालय की जिम्मेदारी है। गोयल ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि आईसीएआई आज कुल 168 से अधिक शाखाओं के साथ वैश्विक स्तर पर काम कर रही है।

इसी उपस्थिति दुनिया के विभिन्न शहरों में 77 केंद्रों के साथ 47 देशों में दर्ज हो चुकी है।  उन्होंने दुनिया भर में 100 केंद्र स्थापित करने के प्रयासों के लिए आईसीएआई को बधाई देते हुए, संस्थान से दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में भी अपनी उपस्थिति का विस्तार करने के लिए कहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के‘कार्तव्य’पर जोर देने का उल्लेख करते हुए कहा कि‘चार्टर्ड एकाउंटेंट की शपथ’कर्तव्य की इस अवधारणा की एक उत्कृष्ट अभिव्यक्ति है जिसमें ‘प्रभावशाली शपथ उत्कृष्टता, नैतिकता, ईमानदारी, स्वतंत्रता, गोपनीयता और अखंडता के प्रति प्रतिबद्धता की बातें शामिल हैं। एक सीए यह शपथ लेते हुए ईमानदारी से काम करने की बात करता है, भ्रष्टाचार मुक्त भारत को देखता है, कॉर्पोरेट प्रशासन के प्रति प्रतिबद्धता देता है और देश के संसाधनों के कुशल और प्रभावी उपयोग की आकांक्षा रखता है।

गोयल ने कहा कि सीए को हमेशा समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें समाज के हर वर्ग को, खास कर सबसे पिछली कतार के  लोगों को, समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों को साथ लेकर चलना चाहिए। गोयल ने युवा सीए को ऑडिटिंग, अकाउंटिंग, मैनेजमेंट कंसल्टिंग के साथ-साथ उद्यमिता के रास्ते भी तलाशने को कहा। उन्होंने भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंसी निकायों से नारी शक्ति या महिला शक्ति के साथ अधिक से अधिक जुड़ने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि अधिक से अधिक महिलाएं सीए बनें और अधिक से अधिक महिलाएं आईसीएआई की परिषद में शामिल हों ताकि इसे मजबूत और अधिक समावेशी बनाया जा सके।  

Read More भारत के स्टॉक मार्केट का दुनिया में मजबूत स्थान

Post Comment

Comment List

Latest News