6 माह से बंद पड़ी सीटी स्कैन अभी तक नहीं हुई शुरू

कंपनी को टेंडर देकर वर्क ऑर्डर जारी करने के बाद भी बैठे इंतजार में

6 माह से बंद पड़ी सीटी स्कैन अभी तक नहीं हुई शुरू

फरवरी माह में सीटी स्कैन के संचालन के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा निविदा प्रक्रिया शुरू की गई थी।

कोटा। कोटा संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में कई महीनों से बंद पड़ी सीटी स्कैन की सुविधा अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। जिसके कारण रोजाना सैंकडों मरीजों को एमबीएस अस्पताल की जगह निजी लैबों या नवीन चिकित्सालय में चक्कर काटने पड़ रहे हैं। करीब 6 महीने से बंद पड़ी सीटी स्कैन को अभी तक चालू नहीं किया जा सका है। हालांकि नवंबर माह में जिला प्रशासन के दखल के बाद कंपनी की ओर से सेवाएं कुछ समय के लिए फिर से चालू कर दी गई थी लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से भुगतान ना होने पर कंपनी ने अपना काम वापस बंद कर दिया था। जिसे अभी तक चालू नहीं किया जा सका है। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी कर वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं जिसके बाद कंपनी ने साइट देखकर होली के बाद कार्य शुरू करने को कहा था जो अभी तक नहीं हुआ है।

होली के बाद शुरू करनी थी, अभी तक मशीन भी नहीं पहुंची
फरवरी माह में सीटी स्कैन के संचालन के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा निविदा प्रक्रिया शुरू की गई थी। जिसमें प्रशासन द्वारा कंपनी से रेट तय करके टेंडर दे दिया था। जिसके बाद कंपनी की ओर से साइट चैक करने के पश्चात क्लियरेंस ले लिया गया था। हालांकि कंपनी द्वारा लेबर और स्टॉफ पूरा होने के बाद काम होली के पश्चात अपना काम शुरू करने की बात कही गई थी लेकिन कंपनी की ओर से मशीन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में पूरी प्रक्रिया होने के बादवजूद सीटी स्कैन की जांच शुरू नहीं हो सकी है।

अक्टूबर से बंद है सीटी स्कैन
एमबीएस अस्पताल में संचालित सीटी स्कैन मशीन अक्टूबर से बंद है। दरअसल अस्पताल प्रशासन की ओर से कंपनी को पिछले एक साल का भुगतान नहीं किए जाने और नए टेंउर जारी नहीं होने के चलते काम बंद कर दिया था। करीब एक माह तक जांच बंद रहने के बाद जिला प्रशासन के दखल से कंपनी द्वारा फिर से जांच शुरू कर दी गई थी लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से भुगतान नहीं होने के चलते कंपनी ने अपने सामान समेट जांच पूरी तरह बंद कर दी थी। जिसके बाद आचार संहिता के कारण अस्पताल प्रशासन नई निविदा प्रक्रिया शुरू नहीं कर सका। वहीं सरकार बनने के बाद जनवरी माह में होने वाली प्रक्रिया भी वित्त विभाग की रोक के कारण शुरू नहीं हो सकी। वहीं रोक हटने के बाद प्रक्रिया तो शुरू होकर पूरी होने के बाद भी जांच शुरू नहीं हो पाई है। 

पिछले 6 माह से लोगों को काटना पड़ रहा 11 किमी का चक्कर
संभाग के सबसे बड़े अस्पताल की सीटी स्कैन बंद होने के कारण मरीजों को एमबीएस अस्पताल से नवीन चिकित्सालय तक 11 किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। मरीजों को नवीन चिकित्सालय में भी जांच के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता है साथ ही जांच लेने के लिए भी अगले दिन तक इंतजार करना पड़ता है।

Read More शावकों ने देखी दुनिया, अधिकारी कर रहे मॉनिटरिंग

लोगों का कहना है
एमबीएस में बंद पड़ी सीटी स्कैन की वजह से मरीजों को बार बार यहां से वहां जाना पड़ रहा है। पहले एमबीएस में दिखाओ फिर सीटी स्कैन कराने मेडिकल कॉलेज जाओ फिर एमबीएस में वापस दिखाने आना पड़ रहा है। 
- मुकेश मेहता, दादाबाड़ी

Read More Encroachment हटाने गए नगर निगम के दस्ते को झेलना पड़ा विरोध

मेरे भाई का सीटी स्कैन कराना था जिसके लिए उसे एमबीएस से नवीन चिकिसालय लाना पड़ा। ऐसे में आपातकालीन समय में जांच नहीं होने पर समय पर इलाज शुरू होने में परेशानी होती है। प्रशासन को चाहिए कि वो तुरंत समाधान करे नहीं तो वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करे।
- देवेंद्र प्रजापति, थेकड़ा

Read More जलदाय विभाग ने प्रेशर बढ़ाने को आरपीएस कॉलानी में लगाए बूस्टर

इनका कहना है
निविदा प्रक्रिया पूरी करके कंपनी को वर्क आॅर्डर जारी कर दिए गए हैं। जहां होली के बाद से मशीन का संचालन शुरू करना था। लेकिन कंपनी द्वारा अपने स्तर पर मशीन और लेबर को लेकर सहमति नहीं बनने के कारण देरी हो रही है। जांच जल्द शुरू करवाने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं।
- धर्मराज मीणा, अधीक्षक, एमबीएस अस्पताल

Post Comment

Comment List

Latest News

Home Composting and Three R's को निगम ग्रेटर उपलब्ध कराएगा मंच Home Composting and Three R's को निगम ग्रेटर उपलब्ध कराएगा मंच
होम कम्पोस्टिंग प्रक्रिया में जो लोग घर पर ही पेड़-पौधों के साथ ही रसोई से निकलने वाले फल, सब्जी खाद्य...
उद्योगों के लिए संसाधन पर्याप्त, राजनीतिक इच्छा शक्ति नहीं
पेयजल सिस्टम गड़बड़ाया : पानी का प्रेशर कम, सप्लाई समय भी घटाया
लोकसभा चुनाव : 2019 की क्लोज कॉन्टेस्ट वाली वो सीटें जिनपर टिका है एनडीए और इंडिया दोनों का 2024 का चुनावी गणित!
म्यांमार में हिंदुओं और बौद्धों पर आफत, 5000 घर जलाए 
चार जून को करौली-धौलपुर का सबसे पहले और बाड़मेर का अंत में होगा नतीजा घोषित
कंप्यूटर पार्ट्स फैक्ट्री में लगी भीषण आग