त्रिपुरा में 3 साल में 1245 उग्रवादियों ने किया आत्मसमर्पण, पुनर्वास समझौते के तहत इन शर्तों का पालन करना अनिवार्य 

त्रिपुरा में शांति की नई लहर: 1,245 उग्रवादियों का आत्मसमर्पण

त्रिपुरा में 3 साल में 1245 उग्रवादियों ने किया आत्मसमर्पण, पुनर्वास समझौते के तहत इन शर्तों का पालन करना अनिवार्य 

त्रिपुरा में मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने विधानसभा में बताया कि अप्रैल 2023 से अब तक NLFT और ATTF के 1,245 उग्रवादियों ने हथियार डाल दिए हैं। समर्पण के साथ 147 घातक हथियार भी सौंपे गए। भारत सरकार के पुनर्वास समझौते के तहत ये सभी अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं, जिससे राज्य में हिंसा का अंत हुआ है।

अगरतला। त्रिपुरा में अप्रैल 2023 से अब तक विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों के कुल 1,245 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने मंगलवार को विधानसभा में जानकारी दी कि उग्रवादियों ने 147 हथियार भी सौंपे और हिंसा का रास्ता त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौट आये। 

विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी के प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों में सबसे बड़ी संख्या नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा के विभिन्न गुटों से है। इसमें एनएलएफटी (बिस्वा मोहन गुट) के नेता बिस्वा मोहन देबबर्मा सहित 417 सदस्य, एनएलएफटी (परिमल देबबर्मा गुट) के 394 सदस्य और एनएलएफटी (ओआरआई गुट) के 223 सदस्य शामिल हैं। इन गुटों के अलावा ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ) के 220 उग्रवादियों ने भी आत्मसमर्पण किया। इन आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों ने कुल 147 हथियार सौंपे, जिनमें से अधिकतर हथियार स्थानीय स्तर पर बने आग्नेयास्त्र थे।

हथियारों के इस जखीरे में 93 देसी बंदूकें, 13 एके-सीरीज राइफलें, दो कार्बाइन, 6.303 राइफलें, चार चीनी राइफलें, एक चीनी पिस्तौल, एक स्टेन गन, आठ पिस्तौल और चार रिवॉल्वर, आठ सिंगल-बैरल बंदूकें, एक बोटामैक्स डिवाइस, चार चीनी ग्रेनेड और एयरगन शामिल थीं। डॉ. साहा ने इस बात पर जोर दिया कि तय समय सीमा के बाद से उग्रवादी आंदोलन की कोई नयी घटना सामने नहीं आयी है, जो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार का संकेत है।

उन्होंने उल्लेख किया कि भारत सरकार और उग्रवादी संगठनों के बीच पुनर्वास समझौते के तहत कुछ शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। इसमें एनएलएफटी और एटीटीएफ के सभी सदस्यों का हथियारों और उपकरणों का समर्पण करना, हिंसा और गुप्त गतिविधियों का त्याग, समझौते पर हस्ताक्षर करने के एक महीने के भीतर सशस्त्र अभियानों को बंद करना और भारत के संविधान को बनाये रखना तथा सामाजिक सछ्वाव को बढ़ावा देना शामिल है।

Read More अखिलेश यादव का केंद्र पर निशाना : सरकार के लिए एआई का मतलब 'इनकम', जनता भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए तैयार  

समझौते में पूर्व उग्रवादियों को भविष्य में किसी भी अन्य विद्रोही समूहों को सहायता, प्रशिक्षण या हथियारों की आपूर्ति करने से भी सख्त रूप से प्रतिबंधित किया गया है।

Read More एक और भारतीय टैंकर ने होर्मुज किया पार : ला रहा 20,400 टन एलपीजी, अब तक 26 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन किए वापस

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

अखिलेश यादव ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को अर्पित की श्रद्धांजलि : नोएडा की घटना के लिए राज्य सरकार को ठहराया जिम्मेदार, सत्ता परिर्वतन की मांग अखिलेश यादव ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को अर्पित की श्रद्धांजलि : नोएडा की घटना के लिए राज्य सरकार को ठहराया जिम्मेदार, सत्ता परिर्वतन की मांग
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बाबा साहब को नमन करते हुए नोएडा घटना पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने...
पति को पत्नी के प्रेमी ने दी जान से मारने की धमकी, कहा- तेरा काल हूं, जहां मिलेगा वहीं खत्म
अंबेडकर जयंती पर मायावती का नमन : गरीबों, वंचितों और शोषितों के अधिकारों की रक्षा में बीता जीवन, कहा- देश में करोड़ों लोगबेरोजगारी, जातिवाद और शोषण की समस्याओं से जूझ रहे
अमेरिकी-इजरायली हमले में ईरान को लगभग 270 अरब डॉलर का नुकसान : रिपोर्ट
बदमाश ने गर्भवती महिला के अलावा एक और महिला के साथ की थी छेड़छाड़, ग्वालियर टीम रवाना
आईपीएल-2026 : हैदराबाद ने रोका राजस्थान रॉयल्स का विजयी रथ, सनराइजर्स हैदराबाद 57 रन से जीती
उत्तराखंड पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी : एशिया के सबसे लंबे एलिवेटेड कॉरिडार का करेंगे लोकार्पण, डाट काली मंदिर में की पूजा