अमित शाह का असम दौरा : कई परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन

आगंतुकों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना

अमित शाह का असम दौरा : कई परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को असम में 2,000 कैमरों वाले 'इंटेलिजेंट सिटी सर्विलांस सिस्टम' और देश के सबसे बड़े सांस्कृतिक सभागारों में से एक का उद्घाटन करेंगे। वह बटद्रवा थान में 217 करोड़ रुपये की आध्यात्मिक परियोजना का लोकार्पण कर श्रीमंत शंकरदेव की विरासत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाएंगे।

गुवाहाटी। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को असम की राजधानी गुवाहाटी पहुंचेंगे, जहां वे कई प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। अमित शाह इंटेलिजेंट सिटी सर्विलांस सिस्टम (आईसीएसएस) का उद्घाटन करेंगे, जो सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से शहरव्यापी सीसीटीवी नेटवर्क है। आईसीएसएस के तहत यह प्रणाली 2,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी करेगी, जिससे राज्य में सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को बेहतर बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही गृह मंत्री नए गुवाहाटी पुलिस आयुक्त कार्यालय का भी उद्घाटन करेंगे।

इसके बाद शाह खानापारा स्थित 'ज्योति-बिष्णु अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक सभागार' का उद्घाटन करेंगे। यह देश के सबसे बड़े सांस्कृतिक सभागारों में से एक है, जिसकी लोगों की बैठने की क्षमता 5,000 है। अमित शाह राज्य के शहीद स्मारक उद्यान भी जाएंगे, जहां वह असम आंदोलन के 860 शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद में गृह मंत्री नगांव जिले के बटद्रवा जाएंगे, जहां बटद्रवा सांस्कृतिक परियोजना का उद्घाटन करेंगे। 

यह असम सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की जन्मस्थली पवित्र बटद्रवा थान को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है। यह लगभग 217 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित यह परियोजना 162 बीघा अतिक्रमण मुक्त भूमि पर बनाई गई है। इसका उद्देश्य महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं प्रदर्शित करना है, साथ ही आगंतुकों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

यह परियोजना एक व्यापक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परिसर के रूप में डिजाइन की गई है। इसमें दुनिया का सबसे ऊंचा गुरु आसन, सत्रिया संस्कृति को दर्शाने वाले कलात्मक तत्वों से सुसज्जित अतिथि गृह, पारंपरिक झांझ से प्रेरित कला केंद्र, खोल के आकार का अनुसंधान केंद्र, नाव के आकार का कौशल विकास केंद्र और पारंपरिक जापी के रूप में डिजाइन किया गया थिएटर सहित कई अन्य विशेषताएं शामिल हैं। यह परियोजना पारंपरिक सौंदर्यशास्त्र और आधुनिक बुनियादी ढांचे का अनूठा संगम प्रस्तुत करती है, जो इसे एक विशिष्ट पहचान प्रदान करती है।

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