राजस्थान में मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकरण को लेकर अधिसूचना जारी, प्रशासनिक स्पष्टता और प्रभावी नियंत्रण की दिशा में अहम
पूर्व अधिसूचना को निरस्त कर दिया गया
वित्त विभाग ने राजस्थान स्टाम्प अधिनियम, 1998 के अंतर्गत एक अधिसूचना जारी की। राज्य सरकार ने राजस्थान भूमि राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 4 के तहत गठित बोर्ड को मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकरण के रूप में अधिसूचित किया। पूर्व अधिसूचना को निरस्त कर दिया गया है।
जयपुर। वित्त विभाग ने राजस्थान स्टाम्प अधिनियम, 1998 के अंतर्गत एक अधिसूचना जारी की है। राज्य सरकार ने राजस्थान भूमि राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 4 के तहत गठित बोर्ड को मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकरण के रूप में अधिसूचित किया है। पूर्व अधिसूचना को निरस्त (supersede) कर दिया गया है। राज्य सरकार ने यह निर्णय राजस्थान स्टाम्प अधिनियम, 1998 की धारा 2 की खंड (viii-a) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया है।
नई व्यवस्था के तहत अब भूमि राजस्व अधिनियम के अंतर्गत गठित बोर्ड को ही मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकरण के रूप में सभी संबंधित अधिकार एवं दायित्व प्राप्त होंगे। अधिसूचना राज्यपाल के आदेश से जारी की गई है, जिस पर नथमल डिडेल, विशेष सचिव, वित्त विभाग के हस्ताक्षर हैं। यह निर्णय राजस्व एवं स्टाम्प से जुड़े मामलों में प्रशासनिक स्पष्टता और प्रभावी नियंत्रण की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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