ईरान-अमरीका युद्ध के दौरान अबूधाबी में फंसे कोटा के स्टूडेंट-कारोबारी : एयरपोर्ट पर गिरा बम, परिजनों की बढ़ी चिंता
किसी का बेटा तो किसी की बेटी वहां फंसी
ईरान-अमरीका के बीच चल रहे युद्ध के दौरान अबूधाबी में गिरे बम और मिसाइल से वहां रह रहे कोटा के लोगों के यहां परिजनों की चिंताएं बढ़ गई। किसी का बेटा तो किसी की बेटी वहां फंसी हुई है। ऐसे में परिजन सभी को फोन कर उनके सुरक्षित होने की जानकारी ले रहे। कोटा निवासी उद्योगपति अनिल मूंदड़ा के पुत्र अर्जुन मूंदड़ा अबूधाबी में नौकरी करते हैं।
कोटा। ईरान-अमरीका के बीच चल रहे युद्ध के दौरान शनिवार को अबूधाबी में गिरे बम और मिसाइल से वहां रह रहे कोटा के लोगों के यहां परिजनों की चिंताएं बढ़ गई है। किसी का बेटा तो किसी की बेटी वहां फंसी हुई है। ऐसे में परिजन सभी को फोन कर उनके सुरक्षित होने की जानकारी ले रहे हैं। कोटा निवासी उद्योगपति अनिल मूंदड़ा के पुत्र अर्जुन मूंदड़ा अबूधाबी में नौकरी करते हैं। वे शनिवार को कोटा आने के लिए दिन में करीब एक से डेढ़ बजे एयरपोर्ट पहुंचे थे। उसी दौरान सूचना मिली की ईरान-अमेरिका में युद्ध छिड़ा हुआ है। मिसाइल व बम अबूधाबी में भी गिरे हैं। जिससे वहां एयरपोर्ट पर फ्लाइट का इंतजार कर रहे लोगों की चिंताएं बढ़ गई।
अनिल मूंदड़ा ने बताया कि उनकी दिन में बेटे से फोन पर बात हुई। उसने जैसे ही जानकारी दी कि वहां बम व मिसाइल गिरने से उनकी फ्लाइट कैंसिल होने की संभावना बनी हुई है। यह सुन उनकी चिंता बढ़ गई। पुत्र अर्जुन मूंदड़ा ने उन्हें बताया कि शाम तक फ्लाइट के बारे में असमंजस बना रहा। रात करीब 9 बजे उन्हें फ्लाइट कैंसिल होने व वापस घर जाने के लिए कहा गया। एयरपोर्ट से जाने के बाद देर रात को अबूधाबी एयरपोर्ट पर ही धमाके के साथ बम गिरा। सभी को एयरपोर्ट खाली करने को कहा। इस दौरान अधिकारी व कर्मचारी चले गए। जिससे उन्हें लगेज देने वाला तक नहीं बचा।
रात एक बजे बिना लगेज लौटे घर
अर्जुन ने बताया कि रात करीब एक बजे बिना लगेज लिए ही वे वापस घर लौट गए। अनिल मूंदड़ा ने बताया कि जब बेटा घर पहुंच गया तब तक उससे फोन पर बात होती रही। उसके घर जाने के बाद तसल्ली हुई। फिलहाल सभी को घर के अंदर ही रहने को कहा गया है। बहू को जाना था, वह भी फंस जाती अनिल मूंदड़ा ने बताया कि पहले उनकी बहू कृतिका मूंदड़ा का अबूधाबी जाने का कार्यक्रम था। लेकिन बेटे के आने का कार्यक्रम होने से उसने अपना जाना कैंसिल कर दिया। जिससे वह बच गई, वरना वह भी वहां फंस जाती।
फोन पर बयां किया हालात
दुबई में फंसे कोटा के स्टूडेंट सिद्धार्थ जैन ने बताया कि वे दुबई के एकेडमी एजुकेशनल जोन में हैं और एक हॉस्टल में ठहरे हैं। उनके हॉस्टल के पास ही मिसाइल से हमला हुआ है। सिद्धार्थ ने दुबई से दोस्त के साथ फोटो और वीडियो भेजा। उसने बताया जहां वे ठहरे हुए हैं, वहां थोड़ी-थोड़ी देर में धमाके हो रहे हैं। वहीं कोटा की ही एक स्टूडेंट तान्या भी अबू धाबी में फंसी हुई है। वह कनाडा से भारत आ रही थी। उनके पिता ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मदद मांगी है।

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