आईपीडी की बिल्डिंग की खिड़कियों के टूटने लगे झरोखे ,कहां चला गया गुणवत्ता का काम
पूर्व में जे. के. लोन में हो चुका है हादसा
अस्पताल में 24 घंटे मरीज व उनके तीमारदारों की आवाजाही लगी रहती है।
कोटा। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से एमबीएस अस्पताल में करोड़ों रुपए की लागत से आईपीडी की बिल्डिंग बनाई गई है। लेकिन हालत यह है कि इसे अधिक समय नहीं हुआ उससे पहले ही इसकी खिड़कियों के झरोखे टूटने लगे हैं। एमबीएस अस्पताल परिसर में अधीक्षक कार्यालय के पास बहुमंजिला आईपीडी बिल्डिंग बनाई गई है। इस बिल्डिंग को बने अभी अधिक समय भी नहीं हुआ है। कुछ समय पहले अस्पताल के विभिन्न विभागों को यहां शिफ्ट किया जा रहा है।इसी दौरान हाल ही में बिल्डिंग में बनी खिड़कियों के झरोखे के भारी भरकम डिजाइनदार पत्थर टूटकर नीचे गिर चुके हैं। शुरुआत में इसकी संख्या कम थी लेकिन देखरेख के अभाव में और अधिकारियों द्वारा इसकी समय पर मरम्मत नहीं करवाने से इनकी संख्या अधिक हो गई है। इधर अस्पताल आने वाले लोगों का कहना है कि गनीमत रही जिस समय ये पत्थर गिरे उस समय वहां कोई नहीं था। वरना इतने बड़े व ऊंचाई से पत्थर गिरने पर बड़ा हादसा हो सकता था। अस्पताल में जहां 24 घंटे मरीज व उनके तीमारदारों की आवाजाही लगी रहती है।
जे.के. लोन में हो चुका है हादसा
गौरतलब है कि गत दिनों जे.के. लोन अस्पताल की नई आईपीडी की बिल्डिंग से भी सुबह के समय भारी भरकर पत्थर गिर गया था। हालांकि उस समय वहां मरीज व उनके तीमार मौजूद थे। उस समय भी गनीमत रही कि किसी के चोट नहीं लगी थी। वरना उस समय बड़ा हादसा हो सकता था।इसी तरह से यदि समय रहते एमबीएस की नई आईपीडी की बिल्डिंग के झरोखों की मरम्मत नहीं की गई तो यहां से अन्य पत्थरों के गिरने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
जल्दी ही सही करवा देंगे
कोटा विकास प्राधिकरण के अधिशाषी अभियंता महेन्द्र सक्सेना ने बताया कि एमबीएस की नई आईपीडी के पत्थर गिरने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो जल्दी ही इन्हें सही करवा दिया जाएगा।

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