71 वर्ष हुए परेश रावल : बैंक की नौकरी छोड़ थिएटर से शुरू हुआ सफर, 250 से अधिक फिल्मों में किया अभिनय

फिल्म ‘होली’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की

71 वर्ष हुए परेश रावल : बैंक की नौकरी छोड़ थिएटर से शुरू हुआ सफर, 250 से अधिक फिल्मों में किया अभिनय
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता परेश रावल 71 वर्ष के हो गए। चार दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने 250 से ज्यादा फिल्मों में खलनायक, चरित्र और हास्य भूमिकाओं से दर्शकों का दिल जीता। ‘हेरा फेरी’ के बाबूराव से लेकर ‘सरदार’ में सरदार पटेल तक, उनके यादगार किरदार भारतीय सिनेमा में आज भी अमिट छाप छोड़ते हैं।

मुंबई। अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को दीवाना बनाने वाले अभिनेता परेश रावल 71 वर्ष के हो गए। परेश रावल का जन्म 30 मई, 1955 को मुंबई में एक गुजराती ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम दह्यालाल रावल था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा महाराष्ट्र एसएससी बोर्ड से पूरी की और इसके बाद स्नातक की डिग्री प्राप्त की। बचपन से ही उन्हें अभिनय में गहरी रुचि थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक थिएटर ग्रुप ज्वाइन किया और नाटकों में अभिनय करने लगे।

परेश रावल ने एक बार बताया था कि उनके परिवार में पॉकेट मनी की कोई व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में गुजारे के लिए वे बैंक में नौकरी करने लगे। उन्हें डेढ़ महीने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा में नौकरी मिली थी, लेकिन उन्होंने तीन दिन बाद ही नौकरी छोड़ दी। उस दौरान उनकी गर्लफ्रेंड स्वरूप संपत उनकी आर्थिक मदद किया करती थीं। स्वरूप संपत अभिनेत्री रह चुकी हैं और उन्होंने मिस इंडिया का खिताब भी जीता था। परेश रावल और स्वरूप संपत ने वर्ष 1987 में विवाह किया।

परेश रावल ने वर्ष 1984 में प्रदर्शित फिल्महोलीसे अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। अभिनेता आमिर खान ने भी इसी फिल्म से अपने अभिनय करियर का आगाज किया था।होलीके बाद परेश रावल कोहिफाजत’, ‘दुश्मन का दुश्मन’, ‘लोरीऔरभगवान दादाजैसी फिल्मों में काम करने का अवसर मिला, लेकिन इन फिल्मों से उन्हें कोई विशेष सफलता नहीं मिली।

वर्ष 1986 में उन्हें राजेंद्र कुमार निर्मित फिल्मनाममें काम करने का अवसर मिला। संजय दत्त और कुमार गौरव अभिनीत फिल्म में उन्होंने खलनायक की भूमिका निभाई। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई और इसके साथ ही उन्होंने एक प्रभावशाली खलनायक के रूप में अपनी पहचान बनाई।नामकी सफलता के बाद उन्हेंमरते दम तक’, ‘सोने पे सुहागा’, ‘खतरों के खिलाड़ी’, ‘राम लखन’, ‘कब्जाऔरइज्जतजैसी बड़े बजट की फिल्मों में काम करने का मौका मिला।

Read More पिता धर्मेंद्र को मिला Padma Awards तो भावुक हुई बेटी अहाना, हेमा मालिनी के भी निकले आंसू, जानें सम्मानित होने वाली हस्तियां कौन-कौन? 

वर्ष 1993 परेश रावल के फिल्मी करियर का महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ। इस वर्षदामिनीऔरआदमी और मुकाबल’' जैसी सफल फिल्में प्रदर्शित हुईं। फिल्मसरके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला, जबकि फिल्मवो छोकरीमें दमदार अभिनय के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

Read More शादी के 10 साल बाद दिव्यांका त्रिपाठी के घर गूंजी किलकारी : एक्ट्रेस ने जुड़वा बेटों को दिया जन्म, टीवी जगत में खुशी की लहर

वर्ष 1994 में प्रदर्शित फिल्मसरदारउनके करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में गिनी जाती है। केतन मेहता निर्देशित फिल्म में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका को पर्दे पर जीवंत कर दिया। इस भूमिका ने उन्हें राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई।

वर्ष 1998 में प्रदर्शित फिल्मतमन्नाभी उनके करियर की उल्लेखनीय फिल्मों में शामिल है। फिल्म में उन्होंने एक ऐसे हिजड़े की भूमिका निभाई, जो समाज के विरोध के बावजूद एक अनाथ लड़की का पालन-पोषण करता है। हालांकि, फिल्म व्यावसायिक रूप से बहुत सफल नहीं रही, लेकिन उनके भावपूर्ण अभिनय की दर्शकों और समीक्षकों ने समान रूप से सराहना की।

वर्ष 2000 में प्रदर्शित प्रियदर्शन निर्देशित फिल्महेरा फेरीपरेश रावल के करियर की सबसे सफल फिल्मों में से एक साबित हुई। फिल्म में उन्होंने बाबूराव गणपतराव आप्टे का यादगार किरदार निभाया। अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी के साथ उनकी तिकड़ी ने दर्शकों को हंसाते-हंसाते लोटपोट कर दिया।

फिल्म की अपार सफलता के बाद वर्ष 2006 में इसका सीक्वलफिर हेरा फेरीबनाया गया। फिल्म के बाद उन्हें महसूस हुआ कि हास्य अभिनेता के रूप में उनके लिए संभावनाएं अधिक हैं। इसके बाद उन्होंनेआवारा पागल दीवाना’, ‘हंगामा’, ‘फंटूश’, ‘गरम मसाला’, ‘दीवाने हुए पागल’, ‘मालामाल वीकली’, ‘भागम भाग’, ‘वेलकमऔरअतिथि तुम कब जाओगेजैसी फिल्मों में अपनी हास्य प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

परेश रावल को अब तक तीन फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्हें फिल्मसरके लिए सर्वश्रेष्ठ खलनायक तथाहेरा फेरीऔरआवारा पागल दीवानाके लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा फिल्मराजाके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का स्टार स्क्रीन पुरस्कार भी मिला। फिल्मों में अभिनय के अलावा परेश रावल नेतीन बहुरानियांऔरलागी तुझसे लगनजैसे लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों का निर्माण भी किया है। भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2014 में पद्मश्री से सम्मानित किया। इसी वर्ष उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर अहमदाबाद पूर्व लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर राजनीति में भी अपनी पहचान बनाई।

फिल्म इंडस्ट्री में चार दशक से अधिक समय बिता चुके परेश रावल 250 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं। आज भी वे भारतीय सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और बहुमुखी कलाकारों में शुमार किए जाते हैं।

 

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

ALMM-II की समयसीमा से सौर उद्योग पर संकट के बादल, 15,000 करोड़ निवेश और 15 हजार नौकरियों पर खतरा ALMM-II की समयसीमा से सौर उद्योग पर संकट के बादल, 15,000 करोड़ निवेश और 15 हजार नौकरियों पर खतरा
आगामी 1 जून से सौर परियोजनाओं में घरेलू सोलर सेल आधारित मॉड्यूल के अनिवार्य उपयोग से जुड़ी ALMM-II व्यवस्था लागू।...
म्यांमार राष्ट्रपति का पाच दिवसीय भारत दौरा : भारत-म्यांमार संबंधों को मिलेगी नई ऊर्जा, महाबोधि मंदिर में की पूजा-अर्चना
नगर पालिका कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
पीएम मोदी का ‘मन की बात’ सुनेंगे युवा, सीएम भजनलाल शर्मा करेंगे संवाद
विधायक अनंत सिंह को बड़ी राहत: गोपालगंज न्यायालय ने लगाई गिरफ्तारी पर रोक, 5 जून को होगी अगली सुनवाई
कोटा में बवंडर के साथ सैकड़ों खंभे, पेड और होर्डिंग उड़े
राजस्थान के 30 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 4-5 दिन तक मौसम रहेगा सक्रिय