बांदीपोरा गबन मामला: 15 इंजीनियरों और बैंक अधिकारियों सहित 108 के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल
108 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बांदीपोरा बिजली विभाग में करोड़ों के गबन और अवैध नियुक्तियों के मामले में 15 इंजीनियरों सहित 108 आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है।
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बांदीपोरा के संबल स्थित इलेक्ट्रिक डिवीजन में करोड़ों रुपये के गबन और अवैध नियुक्तियों के मामले में 15 अधिशासी अभियंताओं सहित 108 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2018 की इस चर्चित प्राथमिकी की जांच पूरी होने के बाद ईओडब्ल्यू ने बारामूला की विशेष भ्रष्टाचार निरोधक अदालत में यह विस्तृत आरोप पत्र पेश किया। इस मामले में 15 अधिशासी अभियंताओं के अलावा, छह सहायक लेखा अधिकारी, एक लेखा सहायक, छह प्रधान सहायक, चार वरिष्ठ सहायक भी शामिल हैं। इनका कथित मुख्य सरगना अरागाम, बांदीपोरा का निवासी मुश्ताक अहमद मलिक भी शामिल था। आरोप पत्र में जेएंडके बैंक, शाखा संबल सोनवारी के 25 अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम के साथ साथ 46 ऐसे फर्जी कर्मचारी भी हैं जिन्हें अवैध रूप से नियुक्त किया गया था।
आरोप है कि, विभाग के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) ने बैंक कर्मियों और अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर साजिश रची और सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की हेराफेरी की। जांच के दौरान आरोपियों के बचत खातों और सावधि जमा खातों में अवैध रूप से धन भेजने के पुख्ता सबूत मिले हैं। मुख्य आरोपी के पास से गबन की गई करोड़ों की राशि बरामद कर सरकारी खजाने में वापस जमा करा दी गयी है।
आरोप पत्र में गबन के अलावा फर्जी तरीके से नियुक्तियां करने का भी गंभीर आरोप है, जिसमें नियमों को ताक पर रखकर 46 लोगों को विभाग में नौकरी दी गई थी। सरकार से मुकदमा चलाने की अनिवार्य मंजूरी मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों पर रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न कठोर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। ईओडब्ल्यू ने अदालत को बताया कि सरकारी धन के दुरुपयोग और दस्तावेजों की जालसाजी के इस संगठित नेटवर्क ने सरकारी तंत्र को भारी वित्तीय क्षति पहुंचाई है। अब इस मामले में सुनवाई के बाद कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

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