सोनम वांगचुक की सेहत पर बढ़ी चिंता: ग्लूकोज और IV फ्लूइड लेने से इनकार, भूख हड़ताल जारी रखने का एलान

छात्रों के समर्थन में अनशन जारी

सोनम वांगचुक की सेहत पर बढ़ी चिंता: ग्लूकोज और IV फ्लूइड लेने से इनकार, भूख हड़ताल जारी रखने का एलान
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन 23वें दिन भी जारी रहा। डॉक्टरों के अनुसार उनका शुगर स्तर कम है, फिर भी वे ड्रिप लेने से मना कर रहे हैं।

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार अभियानकर्ता सोनम वांगचुक मंगलवार को वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) और सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रहे। डॉक्टरों ने बताया कि उनके मुख्य स्वास्थ्य मानक स्थिर हैं, लेकिन चेतावनी दी कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखने के कारण कई नैदानिक संकेतकों की लगातार निगरानी की जरूरत है। अस्पताल की ओर से जारी नवीनतम स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक का ब्लड शुगर स्तर सामान्य से नीचे बना हुआ है। प्रयोगशाला परीक्षणों में उनका सीरम पोटेशियम स्तर 3.2 एमईक्यू/एल मिला है, जबकि वह लगातार पैनसाइटोपेनिया से पीड़ित हैं। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें एनीमिया और सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या में कमी आ जाती है।

डॉक्टरों ने कहा कि इन रिपोर्टों के कारण क्रमिक नैदानिक जांचों से लगातार निगरानी आवश्यक है। बुलेटिन में कहा गया कि वांगचुक को ओआरएस और पोटेशियम की खुराक दी जा रही है, लेकिन बार-बार चिकित्सीय सलाह के बावजूद वह नस के जरिये दिये जाने वाले तरल पदार्थ और ग्लूकोज लेने से मना कर रहे हैं। लद्दाख के इस कार्यकर्ता को उनकी भूख हड़ताल के 21वें दिन 18 जुलाई को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जब डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि लंबे समय से जारी उपवास से उनके जान को खतरा हो सकता है। सोमवार को विरोध प्रदर्शन के बाद उन्होंने एलान किया कि वह तब तक आंदोलन जारी रखेंगे, जब तक कि नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवा नेताओं को संसद भवन के भीतर सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या सांसद खुद अस्पताल में उनसे मिलने नहीं आते।

उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो के साझा हस्तलिखित संदेश में वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व वाले आंदोलन में भाग ले रहे छात्रों के साथ एकजुटता व्यक्त की है और संसद की ओर विरोध मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की है। उन्होंने लिखा, "मैं अपना उपवास जारी रखूँगा (23वाँ दिन)। शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह की बर्बरता की जा रही है, उसे देखते हुए मैंने अपना उपवास तब तक जारी रखने का फैसला किया है, जब तक कि युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती या मुझे अस्पताल में उनसे मिलने नहीं दिया जाता।"

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