कांग्रेस ने की त्रिपुरा के चुनावी एडीसी क्षेत्रों में सीएपीएफ की तैनाती की मांग: प्रदेश में राजनीतिक हिंसा में वृद्धि, कानून-व्यवस्था बिगड़ने का लगाया आरोप

त्रिपुरा चुनाव: हिंसा और तनाव के बीच केंद्रीय बलों की मांग

कांग्रेस ने की त्रिपुरा के चुनावी एडीसी क्षेत्रों में सीएपीएफ की तैनाती की मांग: प्रदेश में राजनीतिक हिंसा में वृद्धि, कानून-व्यवस्था बिगड़ने का लगाया आरोप
त्रिपुरा कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा ने एडीसी चुनाव से पहले बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कमालपुर हिंसा का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक हमलों से मतदाताओं में डर है। साहा ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनावी क्षेत्रों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल तैनात करने की पुरजोर मांग की है।

अगरतला। त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आशीष कुमार साहा ने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि स्वायत्त जिला परिषद (एडीसी) चुनाव नजदीक आने के साथ ही हालात धीरे-धीरे अस्थिर होते जा रहे हैं। साहा ने राज्य चुनाव आयोग से चुनावी क्षेत्रों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल तैनात करने और मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने वर्तमान स्थिति का हवाला देते हुए रेखांकित किया कि लगभग हर दिन हिंसा की खबरें आ रही हैं लेकिन पुलिस उन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही है जो खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने कमालपुर की एक हालिया घटना पर प्रकाश डाला, जहां कथित तौर पर टिपरा मोथा के कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक मनोज कांति देब और एडीसी उम्मीदवार अनंत देववर्मा पर हमला किया और हमले में पुलिस अधिकारी भी घायल हो गये। उन्होंने दावा किया कि ऐसी घटनाओं ने मतदाताओं के मन में डर पैदा कर दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, प्रदेश में राजनीतिक हिंसा में वृद्धि हो रही है और सत्तारूढ़ दल चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने की कोशिश कर रहा है।

आशीष कुमार साहा ने कहा, "पूरे राज्य में माहौल तनावपूर्ण है और विपक्षी दलों को दबाव का सामना करना पड़ रहा है।" उन्होंने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुये कहा कि पुलिस स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि कमालपुर की घटना कानून प्रवर्तन की प्रभावशीलता में गिरावट का प्रतीक है, जो जनता के विश्वास को कमजोर कर सकती है। उन्होंने तनाव और बढ़ने की चेतावनी देते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की गारंटी के लिये केंद्रीय बलों की पर्याप्त तैनाती की आवश्यकता पर बल दिया।

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