जयपुर ब्लास्ट का आरोपी रतलाम में गिरफ्तार : साजिश रचने में शामिल था फिरोज, राजस्थान पुलिस भी करेगी पूछताछ
तीन साल पहले साजिश को अंजाम देने से पहले ही पकड़े गए थे साथी
मध्यप्रदेश की रतलाम जिला पुलिस ने लगभग तीन वर्ष पहले राजस्थान की राजधानी जयपुर में ‘सीरियल बम ब्लास्ट’ की कथित साजिश रचने वाले आरोपियों में शामिल रहे एक आरोपी फिरोज को बुधवार को यहां से गिरफ्तार कर लिया।
रतलाम। मध्यप्रदेश की रतलाम जिला पुलिस ने लगभग तीन वर्ष पहले राजस्थान की राजधानी जयपुर में ‘सीरियल बम ब्लास्ट’ की कथित साजिश रचने वाले आरोपियों में शामिल रहे एक आरोपी फिरोज को बुधवार को यहां से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार विस्फोट की साजिश रचने संबंधी मामला राजस्थान के निंबाहेड़ा थाने में लगभग तीन वर्ष पहले दर्ज किया गया था। हालांकि आरोपी इस घटना को अंजाम देने के पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। बाद में इस मामले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई और उसने अब तक दस आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ग्यारहवें आरोपी के रूप में फिरोज की गिरफ्तारी बुधवार सुबह रतलाम से हुई।
तीन साल पहले साजिश को अंजाम देने से पहले ही पकड़े गए थे साथी
सूत्रों ने कहा कि 30 मार्च, 2022 को निंबाहेड़ा थाना पुलिस ने एक संदिग्ध वाहन की तलाशी के दौरान तीन व्यक्तियों जुबेर, सैफुल्ला और अल्तमश को विस्फोटक और बम बनाने में प्रयुक्त होने वाले सामान जैसे टाइमर, सेल, वायर और अन्य सामग्री के साथ हिरासत में लिया था। ये तीनों व्यक्ति रतलाम के निवासी हैं। जांच के दौरान पता चला कि ये तीनों ‘अलसुफा’ नाम के संगठन से जुड़े हुए हैं और इसकी जांच के दौरान सात अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनसे पूछताछ के आधार पर दावा किया गया था कि ये लोग जयपुर में सीरियल ब्लास्ट की योजना बना रहे थे, लेकिन उसके पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इसी आधार पर एनआईए ने इसमें प्रकरण दर्ज किया है।
बहन के पास रह रहा था
एनआईए इस मामले में फिरोज नाम के आरोपी की भी तलाश कर रही थी। इस बीच रतलाम जिला पुलिस को सूचना मिली कि फिरोज अपनी बहन के यहां आनंद कॉलोनी में रह रहा है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता के मद्देनजर तगड़ी घेराबंदी की और सुबह उसे आनंद कॉलोनी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। इसकी सूचना एनआईए को भी दे दी गई है।
फिरोज ‘अलसुफा’ संगठन का संस्थापक सदस्य
बताया गया है कि फिरोज ‘अलसुफा’ नाम के संगठन के प्रमुख पांच संस्थापक सदस्यों में से एक है। वह इस संगठन का खजांची बताया गया है और उसकी गिरफ्तारी पर एनआईए द्वारा पांच लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया है।
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