बजट में ‘धुरंधर’ खेत खलिहान: औषधीय खेती करने वाले किसान, हर वर्ग के लिए लक्षित योजनाएं तैयार की, किसानों को एआई से मिलेगी नई ताकत

बजट में खेती, ग्रामीण और गरीबों पर जोर

बजट में ‘धुरंधर’ खेत खलिहान: औषधीय खेती करने वाले किसान, हर वर्ग के लिए लक्षित योजनाएं तैयार की, किसानों को एआई से मिलेगी नई ताकत

बजट में कृषि एआई, पीएम-किसान यथावत, आयुष्मान भारत, ग्रामीण सड़कों, आवास और खाद्य सुरक्षा योजनाओं को मजबूत किया गया, विशेष फसलों को वैश्विक ब्रांड बनाने का लक्ष्य रखा गया।

नई दिल्ली। कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने इस बार बजट में धुरंधर खेत खलिहान की सोच पर बड़ा दांव लगाया है। बहु भाषीय एआई टूल किसानों की उत्पादकता को बढ़ाएगा और विशिष्ट सलाह प्रदान करके किसानों को बेहतर निर्णय लेने और जोखिम को कम करने में मदद करेगा। सीतारमण ने साफ संकेत दिया कि चाहे तटवर्ती काजू नारियल किसान हों, पहाड़ी इलाकों के खुमानी अखरोट बादाम उत्पादक हों या औषधीय खेती करने वाले किसान, हर वर्ग के लिए लक्षित योजनाएं तैयार की गई हैं। बजट के अनुसार, भारत अब अपनी विशेष फसलों को वैश्विक बाजर में प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित करने पर काम करेगा। 

किसानों के लिए चल रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का बजट 63,500 करोड़ रुपए रखा गया है, जो पिछले साल के बराबर है। इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को सीधे खाते में किस्त मिलती है। जिससे बीज, खाद और खेती के खर्च में मदद होती है। 

स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 9,500 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। पिछले साल यह 9,401 करोड़ थाए जो रिवाइज्ड अनुमान में घटकर 8,995 करोड़ रह गया था। इस स्कीम से गरीब और कमजोर परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है, खासकर बड़े अस्पतालों में महंगे इलाज के दौरान।

पीएमजीएसवाई के लिए 19,000 करोड़ रुपए का आवंटन

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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के लिए बजट में  वर्ष 2026-27 का आवंटन 19,000 करोड़ रुपए रखा गया है, जो 2025-26 के बराबर ही है। हालांकि, संशोधित अनुमान के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में इस पर खर्च 11,000 करोड़ रुपए हुआ था। वहीं दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्टÑीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 2026-27 का आवंटन बढ़ाकर 19,200 करोड़ रुपये कर दिया गया है, पिछले साल यह राशि 19,005 करोड़ रुपये थी, जबकि संशोधित अनुमान के मुताबिक 16,000 करोड़ रुपए खर्च हुए। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के लिए इस साल 54,916.70 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं, पिछले बजट में यह राशि 54,832.00 करोड़ रुपए थी और संशोधित अनुमान में खर्च 32,500.01 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को 2,27,429 करोड़ रुपए

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खाद्य सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना पर 2,27,429 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, पिछले साल 2,03,000 करोड़ का बजट था, जो संशोधित अनुमान में बढ़कर 2,27,753.65 करोड़ हो गया था। इस योजना से करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त या सस्ता राशन मिलता है।

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