कर्नाटक भर्ती घोटाला मामला: आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार निलंबित, सीआईडी जांच जारी
अनियमितताओं के आरोप
बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है। उन्हें कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी ) के माध्यम से पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्तियों में कथित गड़बड़ियों के मामले में अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने गिरफ़्तार किया था। कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने गुरुवार को इस मामले में आगे की जांच पूरी होने तक उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी किया।
यह कार्रवाई सीआईडी और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में मामला दर्ज होने के बाद की गयी है। ये दोनों एजेंसियां कथित भर्ती घोटाले की जांच कर रही हैं। रिपाेर्ट के अनुसार,भर्ती प्रक्रिया के समय कुमार केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के पद पर काम कर रहे थे। इस मामले में सीआईडी ने कुमार से पूछताछ की और बाद में उन्हें गिरफ़्तार कर लिया। ईडी ने उनके घर पर तलाशी भी ली थी और जांच से जुड़े दस्तावेज़ और अन्य सामग्री इकट्ठा की थी। सरकारी आदेश में कहा गया है कि यह निलंबन तुरंत लागू होगा और कुमार को निर्देश दिया गया है कि वे कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग की लिखित मंज़ूरी के बिना मुख्यालय न छोड़ें।
इससे पहले पशुचिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित गड़बड़ियों को लेकर केपीएससी के अध्यक्ष और सदस्यों के ख़िलाफ़ विधान सौधा थाने में चार प्राथमिकियां दर्ज की गयी थीं। बाद में जांच सीआईडी को सौंप दी गयी थी। जांचकर्ता इन आरोपों की भी जांच कर रहे हैं कि बिचौलियों ने उम्मीदवारों से संपर्क किया और पशु चिकित्सा अधिकारी का पद दिलाने के लिए 70 लाख से 80 लाख रुपये की मांग की थी। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग अधिकारियों को सौंपी गई हैं। ईडी और सीआईडी इन भर्तियों में कथित गड़बड़ियों की जांच जारी रखे हुए हैं।

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