मोदी सरकार ने दी मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी को मंजूरी: कपास क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए फैसला, आपात क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी
बड़ा फैसला: कपास और गन्ना किसानों के लिए करोड़ों का तोहफा
पीएम मोदी की अध्यक्षता में मिशन फॉर कॉटन को मंजूरी मिली है, जिसके लिए ₹5,659 करोड़ आवंटित किए गए हैं। साथ ही, गन्ना किसानों के लिए ₹365/क्विंटल FRP तय की गई है। संकटग्रस्त उद्योगों के लिए ECLGS 5.0 और सेमीकंडक्टर मिशन के तहत नए कारखानों को भी हरी झंडी दिखा दी गई है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कपास क्षेत्र में उत्पादन, गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के उद्देश्य से मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने मंगलवार को बताया कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दी है। इस मिशन के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल 5,659.22 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। यह पहल भारत सरकार के ‘5एफ विजन’, फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से विदेशी बाजार के अनुरूप तैयार की गई है।
गन्ना किसानों के लिए 365 रुपये प्रति क्विंटल एफआरपी मंजूर
इसके साथ ही सरकार ने गन्ना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए 2026-27 के लिए 10.25 प्रतिशत रिकवरी दर पर 365 रुपए प्रति क्विंटल का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) मंजूर किया है। इस निर्णय से देश के लगभग पांच करोड़ गन्ना किसानों और उनके आश्रितों के साथ-साथ चीनी मिलों एवं सहायक गतिविधियों में लगे करीब पांच लाख श्रमिकों को लाभ होगा।
आपात क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी
सरकार ने पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित उद्योगों की मदद के लिए आपात क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0 शुरू करने का फैसला किया है। पश्चिम एशिया संकट के कारण सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और विमान सेवा कंपनियों पर पड़े दबाव से उन्हें राहत दिलाने के लिए यह योजना लाई गई है। इस योजना में बैंकों द्वारा एमएसएमई को दिये जाने वाले ऋण के लिए 100 प्रतिशत और गैर-एमएसएमई तथा विमान सेवा कंपनियों को दिये जाने वाले ऋण के लिए 90 प्रतिशत तक क्रेडिट गारंटी प्रदान की जाएगी। क्रेडिट गारंटी राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी न्यास कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) के जरिए दी जाएगी। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने सेमीकंडक्टर मिशन के तहत देश में परियोजनाओं को मंजूरी दी है जिनमें एक मिनी और माइक्रो डिस्प्ले विनिर्माण इकाई और एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग कारखाना होगा।

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