प्रशांत किशोर ने गांधी आश्रम में रखा मौन उपवास : जनता तक बात नहीं पहुंचना हमारी कमी, कहा- उम्मीद के अनुरूप नहीं मिली सफलता
कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की भीड़ जुटने लगी
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार में अपनी बात प्रभावी रूप से न पहुंचा पाने की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए पश्चिमी चंपारण के भितिहरवा गांधी आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखा। यह आत्ममंथन और नई राजनीतिक शुरुआत का प्रतीक बताया गया। प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि जन सुराज अब जनता की आवाज मजबूत करने और विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
पटना। तीन वर्षों की अथक जन-यात्रा और लगातार राजनीतिक प्रयासों के बाद भी बिहार की जनता के बीच अपनी बात ठोस रूप से न पहुंचा पाने की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पश्चिमी चंपारण के भितिहरवा स्थित ऐतिहासिक गांधी आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखा है।
यह उपवास उनके आत्ममंथन, आत्मालोचना और जन- आंदोलन को नए सिरे से शुरू करने के संकल्प का प्रतीक माना जा रहा है। सुबह से ही भितिहरवा गांधी आश्रम में जन सुराज के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की भीड़ जुटने लगी। प्रशांत किशोर ने शांत और अनुशासित माहौल में अपने मौन उपवास की शुरुआत की। उनका संदेश स्पष्ट था कि जनता तक न पहुंच पाने की कमी स्वीकार करना और भविष्य की राह को नये संकल्प के साथ तय करना।
इस संबंध में जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा है कि तीन साल पहले हमने जो सफर शुरू किया था, उसमें उम्मीद के अनुरूप सफलता नहीं मिली। आज प्रशांत किशोर के उपवास का उद्देश्य सिर्फ आत्ममंथन नहीं, बल्कि नई शुरुआत का संकल्प है। हम बिहार की जनता को सच्चाई बताने के लिये और अधिक मजबूती से प्रयास करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष भारती ने कहा कि जन सुराज अब जनता की आवाज को मजबूत करने की दिशा में विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए तैयार है। हमारा लक्ष्य सिर्फ राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि बिहार के लोगों की भलाई और उनके हितों की रक्षा करना है। अगर मजबूत विपक्ष की जरुरत है, तो जन सुराज उस भूमिका को निभाने को तैयार है।

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