वॉर या नो वॉर...क्या खत्म होगी जंग? ट्रंप के संबोधन से पहले तेज हुई कूटनीतिक हलचल, 2 अप्रैल को करेंगे राष्ट्र को संबोधित
ट्रंप का संबोधन: क्या खत्म होगा अमेरिका-ईरान युद्ध?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2 अप्रैल को राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिसमें ईरान संघर्ष समाप्ति की बड़ी घोषणा संभव है। चीन और पाकिस्तान ने शांति के लिए पांच सूत्रीय फार्मूला पेश किया है, जिसमें तत्काल युद्धविराम और समुद्री सुरक्षा पर जोर दिया गया है। तेहरान ने भी बातचीत के संकेत दिए हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में शांति की उम्मीद जागी है।
वॉशिंगटन। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच दुनिया की नजरें अब डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित संबोधन पर टिकी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिसमें जारी सैन्य टकराव को समाप्त करने से जुड़ी अहम घोषणा की उम्मीद जताई जा रही है। ट्रंप के द्वारा दिए गए हाल के बयानों से संकेत मिल रहा है कि अमेरिका अपने रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल कर चुका है और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति अब उसके लिए निर्णायक मुद्दा नहीं रही।
इसी बीच कूटनीतिक मोर्चे पर चीन और पाकिस्तान ने 31 मार्च को बीजिंग में साझा पहल पेश कर शांति की नई राह सुझाई है। इस पहल को इशाक डार और वांग यी ने आगे बढ़ाया, जिसमें पांच सूत्रों के जरिए तत्काल युद्धविराम और संवाद की बहाली पर जोर दिया गया है। प्रस्ताव में नागरिक ढांचे पर हमले रोकने, समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समाधान तलाशने की बात प्रमुख है।
हालांकि ईरान ने पाकिस्तान की प्रत्यक्ष मध्यस्थता पर आपत्ति जताई है, लेकिन क्षेत्र में शांति स्थापित करने की अपील का समर्थन किया है। तेहरान का यह रुख संकेत देता है कि वह बातचीत के पक्ष में है, पर मध्यस्थ की भूमिका को लेकर सतर्क रणनीति अपना रहा है। अब वैश्विक समुदाय की निगाहें ट्रंप के संबोधन पर टिकी हैं—क्या वे चीन-पाकिस्तान की पहल को स्वीकार करेंगे या अपनी शर्तों के साथ इस संघर्ष के अंत की घोषणा करेंगे।

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