International Law
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक को लेकर UN में हंगामा: पाकिस्तान से सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने की मांग, नागरिकों की मौत पर उठे सवाल
Published On
By Jaipur NM
संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के स्थायी मिशन ने पाकिस्तान के कथित हवाई हमलों की निंदा करते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया। मिशन ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी दोनों पक्षों से वार्ता के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की। लेबनान में हालात तनावपूर्ण : इजरायली हमले में एक पत्रकार सहित पांच लोगों की मौत, बचाव औरा राहत कार्य जारी
Published On
By Jaipur NM
दक्षिण लेबनान के अत-तिरी गांव में इजरायली हवाई हमलों में महिला पत्रकार अमल खलील और चार अन्य की मौत हो गई। लेबनान के प्रधानमंत्री ने पत्रकारों और राहत दलों को निशाना बनाने को 'युद्ध अपराध' करार दिया है। हिज्बुल्ला से जुड़े ठिकानों पर हमले के दौरान अंतरराष्ट्रीय मानकों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुपालन के लिए ईरानी विदेश मंत्रालय ने यूरोपीय संघ की अपील को किया खारिज, होर्मुज़ जलड़मरूमध्य से ज़हाजों के आवागमन की स्थिति को देखते हुए पाखंड बताया
Published On
By Jaipur NM
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर यूरोपीय संघ की 'टोल-फ्री' आवागमन की मांग को "पाखंड" बताते हुए खारिज कर दिया है। ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून ईरान को सैन्य आक्रामकता रोकने से नहीं रोकता। अमेरिकी नाकाबंदी के विरोध में आईआरजीसी ने शनिवार से होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद करने की घोषणा की है। पश्चिम एशिया संकट खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा समर्थन : 18 देशों ने की तत्काल युद्धविराम की अपील, लेबनान को कूटनीतिक वार्ताओं का हिस्सा बनाना अनिवार्य
Published On
By Jaipur NM
लेबनान में शांति के लिए 18 देशों का महा-अभियान शुरू हुआ है। ब्रिटेन और फ्रांस सहित इन देशों ने तत्काल युद्धविराम और मानवीय संकट रोकने की अपील की है। इजरायल और हिज्बुल्ला के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने हेतु उन्होंने संप्रभुता का सम्मान करने और कूटनीतिक वार्ता के माध्यम से स्थायी समाधान निकालने पर जोर दिया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच शी जिनपिंग ने रखा चार-सूत्री योजना का प्रस्ताव : दुनिया को जंगल बनाने से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून का करना चाहिए सम्मान, विकास एवं सुरक्षा के सामंजस्य पर दिया जोर
Published On
By Jaipur NM
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पश्चिम एशिया में स्थिरता के लिए चार-सूत्री सुरक्षा प्रस्ताव पेश किया है। अबू धाबी के युवराज के साथ बैठक में उन्होंने संप्रभुता के सम्मान और अंतरराष्ट्रीय कानून पर जोर दिया। अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने और तेल की कीमतों में उछाल के बीच चीन अब इस संकट में मध्यस्थ बनने की तैयारी में है। अमेरिकी नाकेबंदी पर ईरान का पलटवार : राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार ; इरावानी ने इसे संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का "घोर उल्लंघन" बताया
Published On
By Jaipur NM
संयुक्त राष्ट्र में ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की कड़ी निंदा करते हुए इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया है। राजदूत अमीर सईद इरावानी ने इसे अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा बताते हुए सुरक्षा परिषद से हस्तक्षेप की मांग की है। तेहरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है और पड़ोसी देशों से भारी हर्जाने की मांग की है। पश्चिम एशिया तनाव : सुरक्षा परिषद में पश्चिमी एशिया पर रूस-चीन के प्रस्ताव पर होगी चर्चा, रूसी विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट में खुलासा
Published On
By Jaipur NM
पश्चिम एशिया में तनाव घटाने के लिए रूस और चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक नया संकल्प प्रस्तावित किया है। इस मसौदे में समुद्री सुरक्षा और बातचीत के जरिए समाधान पर जोर दिया गया है। मतदान की तारीख जमीनी हालात के आधार पर तय होगी। दोनों देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर पुराने प्रस्तावों का विरोध किया है। ईरान वॉर पर एंटोनियो गुटेरेस का साफ संदेश : मौत और विनाश का यह सिलसिला अब रुकना चाहिए; युद्ध जितना खिंचेगा, मानवीय पीड़ा उतनी बढ़ेगी
Published On
By Jaipur NM
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने आगाह किया है कि पांचवें हफ्ते में प्रवेश कर चुका ईरान युद्ध पूरी दुनिया को तबाही की ओर धकेल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा से खाद्य और ऊर्जा संकट गहरा सकता है। गुटेरेस ने तत्काल युद्धविराम और कूटनीतिक संवाद के जरिए शांति बहाली की अपील की है। वॉर या नो वॉर...क्या खत्म होगी जंग? ट्रंप के संबोधन से पहले तेज हुई कूटनीतिक हलचल, 2 अप्रैल को करेंगे राष्ट्र को संबोधित
Published On
By Jaipur NM
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2 अप्रैल को राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिसमें ईरान संघर्ष समाप्ति की बड़ी घोषणा संभव है। चीन और पाकिस्तान ने शांति के लिए पांच सूत्रीय फार्मूला पेश किया है, जिसमें तत्काल युद्धविराम और समुद्री सुरक्षा पर जोर दिया गया है। तेहरान ने भी बातचीत के संकेत दिए हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में शांति की उम्मीद जागी है। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान पर बरपाया कहर: फास्फोरस युक्त गोला-बारूद से किया हमला; एक शख्स की मौत, 11 अन्य घायल
Published On
By Jaipur NM
दक्षिणी लेबनान की आठ बस्तियों पर इजरायली तोपखाने द्वारा प्रतिबंधित फास्फोरस गोला-बारूद के इस्तेमाल से तनाव चरम पर है। अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के आरोपों के बीच, हिजबुल्लाह की जवाबी गोलाबारी में एक इजरायली की मौत हो गई। नवंबर 2024 के युद्धविराम के बावजूद दोनों देशों के बीच संघर्ष और संप्रभुता का उल्लंघन जारी है। एंटोनियो गुटेरेस ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर जताई चिंता: तत्काल युद्ध रोकने का किया आग्रह, युद्ध से वैश्विक बाजार अस्त-व्यस्त
Published On
By Jaipur NM
यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पश्चिम एशिया संघर्ष को "बेकाबू" बताते हुए तत्काल युद्धविराम की अपील की है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी से तेल, गैस और उर्वरक आपूर्ति बाधित होने पर गहरी चिंता जताई। शांति बहाली हेतु जीन अर्नोल्ट को निजी दूत नियुक्त किया गया है ताकि कूटनीति के जरिए वैश्विक आर्थिक आपदा को रोका जा सके। यूएन रिपोर्ट में खौफनाक सच हुआ बेनकाब: इजरायली जेलें फिलीस्तीनियों के लिए सोची-समझी क्रूरता की प्रयोगशाला, अब तक 100 से ज्यादा कैदियों की हिरासत में मौत
Published On
By Jaipur NM
संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत फ्रांसेस्का अल्बानीज़ ने इजरायली हिरासत केंद्रों को 'बर्बरता की प्रयोगशाला' करार दिया है। अक्टूबर 2023 से 1,500 बच्चों सहित 18,500 फिलिस्तीनियों को कैद किया गया है। रिपोर्ट में यौन शोषण, भुखमरी और अमानवीय यातनाओं का खुलासा करते हुए इसे 'राजकीय नीति' और नरसंहार का हथियार बताया गया है। 