पश्चिम एशिया तनाव : सुरक्षा परिषद में पश्चिमी एशिया पर रूस-चीन के प्रस्ताव पर होगी चर्चा, रूसी विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट में खुलासा
शांति की पहल: रूस और चीन ने UNSC में पेश किया वैकल्पिक प्रस्ताव
पश्चिम एशिया में तनाव घटाने के लिए रूस और चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक नया संकल्प प्रस्तावित किया है। इस मसौदे में समुद्री सुरक्षा और बातचीत के जरिए समाधान पर जोर दिया गया है। मतदान की तारीख जमीनी हालात के आधार पर तय होगी। दोनों देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर पुराने प्रस्तावों का विरोध किया है।
मॉस्को। पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए रूस और चीन की ओर से प्रस्तावित संकल्प पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में मतदान की तारीख वहां की जमीनी स्थिति के आधार पर तय की जाएगी। रूस के विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी। इससे पहले, रूस और चीन ने प्रस्ताव दिया था कि सुरक्षा परिषद पश्चिमी एशिया की वर्तमान स्थिति पर एक वैकल्पिक मसौदा प्रस्ताव पर विचार करे, जिसमें समुद्री सुरक्षा के पहलुओं को भी शामिल किया जाये।
रूस के विदेश मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय संगठन विभाग के निदेशक किरिल लोग्विनोव ने स्पूतनिक से कहा, “ बैठक में हमने अपने चीन के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में एक वैकल्पिक मसौदा प्रस्ताव की घोषणा की है। इस पर मतदान की तिथि जमीनी हालात को देखते हुए निर्धारित की जाएगी।” रूस के राजनयिक ने उम्मीद जतायी कि सुरक्षा परिषद के अन्य सदस्य भी चीन और रूस की इस पहल का समर्थन करेंगे।
गौरतलब है कि सात अप्रैल को रूस और चीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सुरक्षा परिषद के मसौदा प्रस्ताव पर वीटो कर दिया था। संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंज़िया ने स्पष्ट किया था कि रूस ऐसे किसी भी मसौदे का समर्थन नहीं कर सकता, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करता हो।

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