प्रदेश कांग्रेस अब कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार, डोटासरा बोले- पंचायत-निकाय चुनाव पर आयोग को देंगे ज्ञापन, जरूरत पड़ने पर हाई कोर्ट की शरण लेंगे
गांव और शहरों में पानी संकट को लेकर कोई प्लानिंग नहीं
प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनावों में देरी को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने अब कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी शुरू कर दी। कांग्रेस इस मामले में एक दो दिन में पहले निर्वाचन आयोग को ज्ञापन देगी।
जयपुर। प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनावों में देरी को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने अब कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस इस मामले में एक दो दिन में पहले निर्वाचन आयोग को ज्ञापन देगी। उसके बाद समाधान नहीं होने पर कांग्रेस हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। पीसीसी चीफ गोविन्द डोटासरा ने बुधवार को पीसीसी मुख्यालय पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ओबीसी आयोग का कार्यकाल बढ़ाकर सरकार ने फिलहाल चुनाव टालने के संकेत दे दिए हैं। जब सरकार के पास सभी गणना के डेटा उपलब्ध हैं तो आयोग को रिपोर्ट बनाने में देरी क्यों हो रही है। इस सरकार में एक ही चुनाव अधिकारी 3 तरह की मतदाता सूचियों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। जब एसाईआर के बाद नई मतदाता सूची तैयार हो गई तो पुरानी सूची से चुनाव नही कराया जा सकता है। हम इस मामले में एक दो दिन में राज्य निर्वाचन आयोग को ज्ञापन देकर आपत्ति दर्ज कराएंगे।
यदि समाधान नहीं हुआ तो हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। डोटासरा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की समयसीमा, हाईकोर्ट की टिप्पणियों और संवैधानिक प्रावधानों के बावजूद भाजपा सरकार जानबूझकर पंचायत-निकाय चुनाव टाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ओबीसी आयोग को कठपुतली बना दिया गया है। आयोग को मुख्यमंत्री कार्यालय बुलाकर उसकी रिपोर्ट को नियंत्रित किया जा रहा है, ताकि आरक्षण संबंधी आंकड़े समय पर न आएं और चुनाव आगे बढ़ाए जा सकें। राज्य सरकार में जनता के हितों को लेकर कोई काम नहीं हो रहे हैं। गांव और शहरों में पानी संकट को लेकर कोई प्लानिंग नज़र नहीं आ रही।

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