प्रधानमंत्री मोदी ने दी सीआईएसएफ स्थापना दिवस पर जवानों को बधाई: सुरक्षा में उनके अनुशासन, समर्पण की जमकर की सराहना 

पीएम मोदी ने जवानों के समर्पण और शौर्य को सराहा

प्रधानमंत्री मोदी ने दी सीआईएसएफ स्थापना दिवस पर जवानों को बधाई: सुरक्षा में उनके अनुशासन, समर्पण की जमकर की सराहना 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीआईएसएफ के स्थापना दिवस पर जवानों को बधाई दी। उन्होंने देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों, हवाई अड्डों और परमाणु केंद्रों की सुरक्षा में उनके अनुशासन और दृढ़ संकल्प की प्रशंसा की। 1969 में स्थापित यह बल आज 1,70,000 जवानों के साथ भारत की आंतरिक सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के स्थापना दिवस के अवसर पर बल के जवानों को हार्दिक बधाई देते हुए देश के महत्वपूर्ण ढांचों की सुरक्षा में उनके अनुशासन, समर्पण और अहम भूमिका की जमकर सराहना की। पीएम मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए एक संदेश में देश भर के महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सीआईएसएफ जवानों की प्रतिबद्धता की सराहना की। प्रधानमंत्री ने लिखा, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के सभी जवानों को उनके स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं। अपने दृढ़ संकल्प, अनुशासन और समर्पण के लिए पहचाने जाने वाले सीआईएसएफ के जवान देश भर के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कर्तव्य के प्रति उनका अटूट समर्पण भारत की सुरक्षा और प्रगति में बहुत बड़ा योगदान देता है।

सीआईएसएफ गृह मंत्रालय के तहत भारत के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से एक है, जिसकी स्थापना 1969 में महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयों और सरकारी बुनियादी ढांचे को सुरक्षा प्रदान करने के लिए की गई थी। पिछले कुछ वर्षों के दौरान इसकी जिम्मेदारी काफी बढ़ गई है। आज यह बल हवाई अड्डों, बंदरगाहों, परमाणु और अंतरिक्ष प्रतिष्ठानों, मेट्रो नेटवर्क और प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों सहित कई रणनीतिक केंद्रों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। 

सीआईएसएफ अपने 1,70,000 से अधिक जवानों की ताकत के साथ देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का एक प्रमुख स्तंभ बन गया है। इसके जवान बड़े हवाई अड्डों और संवेदनशील ठिकानों पर तैनात हैं, जहां वे निगरानी से लेकर तोडफ़ोड़ रोकने और आपदा के समय मदद पहुंचाने जैसे काम संभालते हैं।

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे भारत के बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ है और सुरक्षा चुनौतियां बदली हैं, सीआईएसएफ की भूमिका लगातार बढ़ी है। सरकारी सुविधाओं की सुरक्षा के अतिरिक्त इस बल को अब उन निजी क्षेत्र के संस्थानों को भी सुरक्षा देने का काम सौंपा जा रहा है जो राष्ट्रीय हित के लिए जरूरी माने जाते हैं। स्थापना दिवस उन जवानों की सेवा और बलिदान को सम्मान देने का अवसर है, जो देश भर में जरूरी सेवाओं की सुरक्षा और निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए अक्सर जोखिम भरे और कठिन माहौल में काम करते हैं।

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