राज्यसभा चुनाव: भाजपा उम्मीदवार शारदा देवी ने किया मणिपुर से नामांकन दाखिल, महिला सशक्तीकरण और अखंडता का लिया संकल्प
विकासोन्मुखी पहल उनकी प्राथमिकताओं में शीर्ष पर
इंफाल। भाजपा की मणिपुर इकाई की अध्यक्ष अधिकारीमयुम शारदा देवी ने राज्यसभा चुनाव के लिए सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उन्होंने संकल्प जताया कि यदि वह संसद के लिए चुनी जाती हैं तो महिलाओं के कल्याण, महिला सशक्तीकरण और राज्य की क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठायेंगी। इस सीट के लिए अब तक किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया है। शारदा देवी ने कहा कि मणिपुर में भड़की जातीय हिंसा से प्रभावित महिलाओं के साथ काम करने का उनका अनुभव उच्च सदन में उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा।
उन्होंने कहा, "खुद एक महिला होने के नाते, मेरी प्राथमिकताएं महिलाओं से जुड़े विकास के मुद्दे और उनके सशक्तीकरण को मजबूत करने की रहेगी।" उन्होंने कहा, "हमने राज्य में जातीय हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए राहत शिविर स्थापित किये थे। यदि मैं चुनी जाती हूं तो संसद में महिलाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने का मेरा पूरा इरादा है।" भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि महिलाओं का सशक्तीकरण और उनके लिए विकासोन्मुखी पहल उनकी प्राथमिकताओं में शीर्ष पर रहेंगे।
शारदा देवी ने मणिपुर की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का उम्मीदवार बनाये जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा नेताओं और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह मणिपुर की अखंडता की रक्षा करने और राज्य की जनता की ओर से उठायी जा रही चिंताओं को दूर करने से जुड़े मुद्दों को संसद में उठायेंगी। चुनाव आयोग ने इस राज्यसभा सीट के लिए 18 जून को मतदान का कार्यक्रम तय किया है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि आठ जून है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच चुनाव कार्यक्रम के अनुसार की जायेगी। उम्मीदवार 11 जून तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं।
भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की ओर से उनके नाम को मंजूरी दिये जाने के बाद पार्टी ने चार जून को शारदा देवी की उम्मीदवारी की घोषणा की थी। 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को जबरदस्त बहुमत हासिल है। विधानसभा में अकेले भाजपा के पास 37 विधायक हैं, जबकि राजग के सहयोगी दलों और मित्र विधायकों के समर्थन से उसकी स्थिति और मजबूत हो जाती है। यह संख्या बल इस चुनावी मुकाबले में शारदा देवी को बेहद मजबूत बढ़त देता है।

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