ऑनलाइन राजस्व सेवाओं में तेजी लाएं, लंबित मामलों का तत्काल करें निष्पादन : डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल

अपर समाहर्त्ता, डीसीएलआर और अंचलाधिकारियों की भागीदारी की गई अनिवार्य

ऑनलाइन राजस्व सेवाओं में तेजी लाएं, लंबित मामलों का तत्काल करें निष्पादन : डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल
बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल 15 सितंबर को विभागीय समीक्षा बैठक करेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस बैठक में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और ऑनलाइन सेवाओं को पारदर्शी बनाने पर जोर रहेगा। मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनहित कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाने को लेकर विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल 15 सितंबर को सभी जिलों के राजस्व कार्य से संबंधित सभी अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में सभी अपर समाहर्त्ता, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता एवं अंचलाधिकारियों से राजस्व संबंधी कार्यों तथा ऑनलाइन सेवाओं की प्रगति की जानकारी ली जाएगी। लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और आम लोगों को समयबद्ध तरीके से ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर विशेष जोर रहेगा।

मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि राजस्व विभाग की सेवाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में लंबित मामलों की पहचान कर उनके निष्पादन की स्पष्ट कार्ययोजना बनाएं और समय-सीमा के भीतर परिणाम सुनिश्चित करें। केवल बैठक और रिपोर्ट से काम नहीं चलेगा, जमीनी स्तर पर इसका असर दिखना चाहिए।उन्होंने कहा कि ऑनलाइन राजस्व सेवाएं जनता की सुविधा के लिए हैं। यदि ऑनलाइन आवेदन लंबित रहते हैं या लोगों को सेवा के लिए बार-बार कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता है, तो यह व्यवस्था के उद्देश्य के विपरीत है। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि आगामी समीक्षा बैठक में जिलावार प्रगति की बारीकी से समीक्षा होगी और कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों को चिन्हित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करें और ऑनलाइन सेवाओं की गति एवं गुणवत्ता में सुधार लाएं।उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े राजस्व मामलों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों को किसी भी स्थिति में संरक्षण नहीं मिलेगा। विभागीय निर्देशों के अनुपालन में कमी पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी समाहर्त्ताओं को निर्देश दिया है कि वे अपने जिले के सभी अपर समाहर्त्ता, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता एवं अंचलाधिकारियों की बैठक में अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करें।

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