राठौड़ का गहलोत पर पलटवार- 28 दिन में निकाय, 22 दिन में पंचायत चुनाव; बोले- कांग्रेस ने 18 महीने में 13 चरणों में कराए थे चुनाव
सफाईकर्मी भर्ती पर भी गहलोत को घेरा
जयपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने रविवार को भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आरोपों पर पलटवार किया। राठौड़ ने कहा कि गहलोत भजनलाल सरकार से ढाई साल के कामों का रिपोर्ट कार्ड मांग रहे हैं, जबकि भाजपा सरकार अपने कार्यकाल के हर साल का रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच रख रही है। राठौड़ ने कहा कि पिछली विधानसभा में भी सरकार ने ढाई साल का रिपोर्ट कार्ड रखा था। उस समय कांग्रेस के पास बहस का मौका था, लेकिन वह बहस करने के बजाय मैदान छोड़कर चली गई।
बोले- वन स्टेट, वन इलेक्शन के लिए कम समय में चुनाव
गहलोत के निकाय चुनाव के लिए कम समय दिए जाने और फोर्स ट्रेडिंग के आरोप पर राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य वन स्टेट, वन इलेक्शन है। सरकार चाहती है कि चुनाव प्रक्रिया कम समय में पूरी हो, ताकि लंबे समय तक आचार संहिता लागू न रहे और विकास कार्य प्रभावित नहीं हों। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव 28 दिन में और नवंबर में पंचायत चुनाव 22 दिन के भीतर कराए जाएंगे। इस तरह करीब 50 दिन में प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
राठौड़ ने आरोप लगाया कि गहलोत सरकार के समय निकाय और पंचायत चुनाव करीब 18 महीने तक 13 चरणों में कराए गए। इससे लंबे समय तक आचार संहिता लागू रहने के कारण प्रदेश के विकास कार्य प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस के विधायक भी असंतुष्ट थे और चुनाव प्रक्रिया लंबी खींचने के पीछे राजनीतिक कारण थे।
सफाईकर्मी भर्ती पर भी गहलोत को घेरा
राठौड़ ने गहलोत के उस सवाल का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने निकाय चुनाव से पहले सफाई कर्मचारियों की भर्ती कराने की बात कही थी। राठौड़ ने कहा कि भजनलाल सरकार ने 24 हजार से अधिक सफाई कर्मचारियों के पदों पर भर्ती प्रस्तावित कर रखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत सरकार के समय भी सफाई कर्मचारियों की भर्ती का विज्ञापन आचार संहिता लागू होने से महज तीन दिन पहले जारी किया गया था। गहलोत सरकार को पता था कि आचार संहिता के चलते भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती, इसके बावजूद भर्ती निकाली गई।

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