सीताक्का की कांग्रेस नेताओं को दो टूक, कहा- आलाकमान के फैसले मानें, सीमा लांघने वालों को भुगतने होंगे परिणाम

पूर्व मंत्री कोंडा सुरेखा पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का हवाला देकर दी सख्त चेतावनी

सीताक्का की कांग्रेस नेताओं को दो टूक, कहा- आलाकमान के फैसले मानें, सीमा लांघने वालों को भुगतने होंगे परिणाम
तेलंगाना की मंत्री दानसारी अनसूया (सीतक्का) ने महबूबनगर में कहा कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी आलाकमान के फैसलों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। पूर्व मंत्री कोंडा सुरेखा पर हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ टिप्पणी करने पर सीमा लांघने वालों पर कार्रवाई तय है।

महबूबनगर। तेलंगाना की पंचायती राज और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री दानसारी अनसूया सीताक्का ने कहा है कि कांग्रेस के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को आलाकमान के फैसलों का पालन करना चाहिए और किसी को भी निर्धारित सीमा नहीं लांघनी चाहिए। सीताक्का ने रविवार को महबूबनगर जिले के कोल्लापुर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पार्टी के आंतरिक मुद्दों पर संगठन के भीतर ही चर्चा होनी चाहिए। इससे नेताओं की गरिमा बढ़ेगी और संगठन मजबूत होगा। उन्होंने कहा, "कल अगर मैं सीमा लांघती हूं या कोई और ऐसा करता है, तो हम सभी को आलाकमान के फैसले का पालन करना होगा।" उन्होंने यह बात पूर्व मंत्री कोंडा सुरेखा के खिलाफ की गयी कार्रवाई के संदर्भ में कही है।

सीताक्का ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान किसी व्यक्ति से डरने की स्थिति में नहीं है और पार्टी कमजोर नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कामकाज के लिए अनुशासन बेहद जरूरी है। किसी नेता को कोई शिकायत है तो उसे सार्वजनिक रूप से मतभेद जाहिर करने के बजाय सीधे पार्टी नेतृत्व या वरिष्ठ नेताओं के सामने अपनी बात रखनी चाहिए। सुरेखा के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राज्य में पार्टी के शीर्ष नेता हैं और आलाकमान ने उनके खिलाफ की गयी टिप्पणियों को उचित नहीं माना था। उन्होंने कहा कि आलाकमान द्वारा इन टिप्पणियों को अनुचित पाए जाने के बाद ही कार्रवाई की गयी।

उन्होंने हाल ही के घटनाक्रम पर खुशी मनाने को लेकर विपक्ष की आलोचना की और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव से उनकी बहन के कविता को दरकिनार किए जाने को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूर्व उपमुख्यमंत्री टी. राजाैया को पद से हटाए जाने की घटना का भी जिक्र किया और कहा कि उस समय किसी को यह तक पता नहीं था कि उन्हें किस वजह से हटाया गया। सीताक्का ने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ सीधे टिप्पणियां किए जाने के कारण आलाकमान ने कार्रवाई की है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में सीमाएं लांघने पर किसी को भी इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि सभी नेता आलाकमान के फैसलों के अनुरूप काम करें तो पार्टी और मजबूत होगी और इससे यह सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी कि सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करे। सीताक्का ने कहा, "सुरेखा पार्टी में बनी हुई हैं। हम सभी संयम के साथ पार्टी के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे।"

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