हरियाणा में बिजली संकट गहराया: कई इलाकों में ब्लैकआउट, जनरेटर का किराया 2 हजार रुपये तक पहुंचा; 24 अक्टूबर तक कार्य बहिष्कार
रोडवेज कर्मियों ने दिया समर्थन
हरियाणा। हरियाणा के गुरुग्राम-नूंह में निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस देने के विरोध में हड़ताल जारी है और इस बीच ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बैठक के लिए कर्मचारियों को एक बार फिर बातचीत का न्यौता दिया है। गुरुग्राम-नूंह में निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस देने के विरोध में चल रही बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सरकार बैकफुट पर आ गई है।
विज ने कर्मचारियों को एक बार फिर बातचीत का न्योता दिया है। उनके बुलावे को बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने स्वीकार कर लिया है। शुक्रवार अपराह्न तीन बजे पंचकूला रेस्ट हाउस में यह बैठक होगी। मोर्चा के प्रवक्ता रविंद्र घनघस ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि श्री विज की तरफ से बातचीत का निमंत्रण मिला है और अपराह्न तीन बजे बैठक निर्धारित की गई है। हड़ताल के पहले दिन 33 केवी के 118 और 11 केवी के 510 से अधिक फीडरों में ब्रेकडाउन हुआ। शुक्रवार को भी बिजली आपूर्ति की स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ। हिसार के पॉश इलाकों में 24 घंटे से बिजली गुल है। इससे परेशान लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया।
कुरुक्षेत्र और कैथल बार एसोसिएशन ने न्यायालय का काम स्थगित रखने का फैसला किया है। यमुनानगर में बिजली नहीं आने से नाराज लोगों ने बाल्टियां लेकर प्रदर्शन किया। विज ने कहा कि उन्होंने कर्मचारी नेताओं से बातचीत की है। उन्होंने कहा कि वह पहले दिन से कह रहे हैं कि हड़ताल इसका रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा, आप आओ, टेबल पर हम बात करते हैं। अगर आप कोई और रास्ता सुझाओगे तो हम उसको भी अपनाएंगे। विज के मुताबिक, गुरुवार को कर्मचारी नेताओं की ओर से मांग की गई थी कि सरकार धारा 108 का इस्तेमाल करके निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस देने संबंधी आदेश को खारिज कर दे। उन्होंने कहा कि सरकार इस पर विचार करने को तैयार है और मुख्यमंत्री से भी उनकी बात हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर धारा 108 का इस्तेमाल करने की बात कही थी। इसके बाद यूनियन नेताओं ने बातचीत के लिए सहमति दे दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैठक के बाद कुछ ही घंटों में हड़ताल खत्म हो सकती है।

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