तमिलनाडु चुनावः लोकसभा सांसद थोल थिरुमावलवन लड़ेंगे विधानसभा चुनाव; टीवीके को देंगे कड़ी टक्कर, दलित युवाओं को एकजुट करने में अहम भूमिका
तमिलनाडु चुनाव: सांसद थोल थिरुमावलवन ने कट्टुमनारकोइल से भरा दम
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में वीसीके (VCK) प्रमुख और सांसद थोल थिरुमावलवन खुद मैदान में उतरेंगे। द्रमुक गठबंधन के तहत 8 सीटों पर लड़ रही वीसीके ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की है। थिरुमावलवन ने कहा कि दक्षिणपंथी ताकतों को रोकने के लिए गठबंधन जरूरी है। राज्य में इस बार पांच-कोणीय मुकाबला दिलचस्प होगा।
चेन्नई। तमिलनाडु में दलित संगठन विदुथलाई चिरुथाईगल कात्ची (वीसीके) के संस्थापक और चिदंबरम से लोकसभा सांसद थोल थिरुमावलवन ने घोषणा की है कि 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में वह खुद मैदान में उतरेंगे। थिरुमावलवन कट्टुमनारकोइल विधानसभा क्षेत्र से ताल ठोकेंगे। वह इस बार विधानसभा चुनाव लड़ने वाले तीसरे मौजूदा सांसद हैं। उनसे पहले पूर्व मंत्री और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के राज्यसभा सदस्य सी. वी. षणमुगम (मयलम सीट) और पुडुचेरी प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष व लोकसभा सांसद वी. वैथिलिंगम (थट्टनचावडी सीट) मैदान में उतर चुके हैं।
सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए) के हिस्से के रूप में, वीसीके को इस महत्वपूर्ण चुनाव में आठ सीटें आवंटित की गई हैं। इस बार राज्य में पांच कोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है, जिसमें द्रमुक गठबंधन, अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग), अभिनेता विजय की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके), सीमन की नाम तमिलर काच्ची (एनटीके) और वी के शशिकला की नई पार्टी ऑल इंडिया पासुम्पोन मुथुरामलिंगम थेवर मक्कल काच्ची (एआईपीटीएमएमके) मैदान में हैं।
थिरुमावलवन ने रविवार शाम उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए बताया कि उनके अलावा पार्टी ने चिंतन ई सेलवन को चेयूर , वन्नी अरासु को तिंदिवनम, पन्नीर दास को तिरुपोरुर, शक्तिवेल उर्फ आत्राल अरासु को पेरियाकुलम , वकील एझिल कैरोलिन को अरक्कोनम और अब्दुर रहमान को पनरुटी से मैदान में उतारा है। उनकी भतीजी वकील कु. मालथी कल्लाकुरिची निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगी। हालांकि वीसीके ने इस बार मौजूदा विधायकों आलूर शहनवाज, एस.एस. बालाजी और एम. बाबू को टिकट नहीं दिया है।
सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश के जरिए श्री थिरुमावलवन ने कहा कि हालांकि वह सीटों के आवंटन से पूरी तरह खुश नहीं थे, लेकिन भाजपा जैसी दक्षिणपंथी ताकतों को राज्य में पैर जमाने से रोकने के लिए उन्होंने द्रमुक गठबंधन में बने रहने का फैसला किया। पार्टी सूत्रों का मानना है कि श्री थिरुमावलवन की विधानसभा में मौजूदगी तमिलनाडु के राजनीतिक विमर्श के लिए महत्वपूर्ण होगी, विशेष रूप से विजय जैसे नए राजनीतिक चेहरों के आने के बाद दलित युवाओं को एकजुट करने में उनकी भूमिका अहम रहेगी।

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