तमिलनाडु : विपक्षी पार्टियों ने किया विजय की परिसीमन बैठक का बॉयकॉट, कावेरी मुद्दे पर मुख्यमंत्री से चुप्पी तोड़ने की मांग
अचानक सांसदों की बैठक बुलाना जनता का ध्यान कावेरी मुद्दे से भटकाने का प्रयास
चेन्नई। तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कषगम, (द्रमुक) अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) तथा उनके मौजूदा सहयोगी दलों ने प्रस्तावित परिसीमन पर सत्तारूढ़ तमिल वेट्री कषगम (टीवीके) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के मुख्यमंत्री विजय द्वारा शनिवार को बुलायी गयी सर्वदलीय सांसद बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया है। इन दलों ने इसके बजाय मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय से महत्वपूर्ण कावेरी मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ने और पहले इस विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उनका कहना है कि अचानक सांसदों की बैठक बुलाना जनता का ध्यान कावेरी मुद्दे से भटकाने का प्रयास है।
उनका कहना है कि यह बैठक अनावश्यक है और इस विषय पर चर्चा के लिए कुछ नया नहीं है, खासकर तब जब भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ओर से संसद में परिसीमन संशोधन विधेयक पेश किये जाने के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। एक अन्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक और उसका सहयोगी पीएमके भी बैठक का बहिष्कार करेगा। टीवीके सरकार के सहयोगी और उसके समर्थन वाले दलों के बैठक में शामिल होने की संभावना है। इनमें कांग्रेस, वीसीके, भाकपा, माकपा और आईयूएमएल शामिल हैं। तमिलनाडु में कुल 59 सांसद हैं, जिनमें लोकसभा के 39 और राज्यसभा के 18 सदस्य शामिल हैं।
परिसीमन के मुद्दे पर भाजपा द्वारा विपक्षी दलों से समर्थन मांगने के बीच डीएमके ने इससे पहले इंडिया गठबंधन के हिस्से के रूप में इसका कड़ा विरोध किया था। पार्टी ने संसद में परिसीमन संबंधी प्रस्ताव आने पर उसकी प्रतियां तक फाड़ दी थीं और उसे पराजित कराने में भूमिका निभायी थी। अब ऐसा प्रतीत होता है कि द्रमुक ने अपना रुख कुछ नरम किया है। पार्टी ने कहा है कि वह संसद में पेश किये जाने वाले विधेयक की पूरी विषय-वस्तु देखने के बाद ही कोई निर्णय लेगी। यह संकेत माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस द्वारा संबंध तोड़े जाने के बाद इंडिया गठबंधन से दूरी बनाने वाली द्रमुक केंद्र सरकार के करीब जा रही है।

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