वेतन निर्धारण की होगी पुनः गहन जांच, गलती मिलने पर जिम्मेदारी तय होगी
वित्त विभाग के निर्देशों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी
जयपुर। राजस्थान में सहकारी समितियों के विभाग में कार्यरत सभी राज्य कार्मिकों के समय-समय पर किए गए वेतन निर्धारण की पुनः जांच की जाएगी। रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश जारी कर संयुक्त जांच दल गठित करने को कहा है। वित्त विभाग के निर्देशों के आधार पर यह कार्रवाई की जाएगी। निर्देशों के अनुसार प्रत्येक कर्मचारी के वेतन निर्धारण प्रकरण की जांच के लिए स्थापना शाखा को निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर विवरण तैयार करना होगा। कार्यालयाध्यक्ष, वरिष्ठ लेखाकर्मी और स्थापना प्रभारी अधिकारी-कर्मचारी को शामिल कर संयुक्त जांच दल बनाया जाएगा। जांच के बाद चेकलिस्ट पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर भी कराने होंगे। यदि किसी कार्यालय में लेखाकर्मी का पद रिक्त है तो संबंधित संभाग के अन्य खंडीय कार्यालय के लेखाकर्मी से प्रमाणित कराया जा सकेगा।
सेवा पुस्तिका में वेतन निर्धारण से जुड़ी कोई त्रुटि या कमी मिलने पर उसे तत्काल दुरुस्त करना होगा। भविष्य में नियम विरुद्ध वेतन भुगतान सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की संयुक्त जिम्मेदारी तय कर अतिरिक्त भुगतान की वसूली तथा नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं होने पर सितंबर 2026 के वेतन बिलों का आहरण संभव नहीं होगा और इसकी जिम्मेदारी कार्यालयाध्यक्ष/डीडीओ की होगी।

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