नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को प्रताड़ित कर रही पंजाब सरकार : जग्गा ने वीडियो बनाया तो मिली धमकियां, कांग्रेस ने कहा- डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर किया आत्महत्या का प्रयास
नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों के साथ किया जा रहा दुर्व्यवहार
नई दिल्ली। कांग्रेस ने पंजाब में नशे की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि राज्य में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को संरक्षण देने की बजाय प्रताड़ित किया जा रहा है और संगरूर की घटना इसका ताजा उदाहरण है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज एक्स पर सोमवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि संगरूर में जग्गा सिंह ने नशे के खिलाफ वीडियो बनाया, तो उन्हें धमकियों और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। इससे तंग आकर उन्होंने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि इससे पहले गुलजार सिंह ने नशे के खिलाफ आवाज उठाई थी और उन्होंने भी आत्महत्या से मौत हो गई। पार्टी का यह भी आरोप है कि पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को सुरक्षित रखने के बजाय उनके साथ दबाव और दुर्व्यवहार किया जा रहा है तथा ये घटनाएं आम आदमी पार्टी सरकार के जवाबदेही के दावों पर सवाल खड़े करती हैं। गुलजार सिंह के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि यह आम आदमी पार्टी का नशा मॉडल है, जिसमें नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को प्रताड़ति किया जा रहा है। उनका कहना था कि पंजाब की जनता नशे की समस्या और उससे निपटने के सरकार के दावों के बीच की स्थिति को देख रही है।

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