साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़: म्यूल अकाउंट में पहुंच रही थी ठगी की रकम; फर्जी कॉल, एसएमएस, ओटीपी और फिशिंग लिंक से बनाते थे शिकार

आरोपी गिरफ्तार

साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़: म्यूल अकाउंट में पहुंच रही थी ठगी की रकम; फर्जी कॉल, एसएमएस, ओटीपी और फिशिंग लिंक से बनाते थे शिकार
जयपुर की माणकचौक थाना पुलिस ने ‘म्यूल हंटर’ अभियान के तहत साइबर ठगी गिरोह का खुलासा करते हुए आरोपी महेश बबेरवाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी जौहरी बाजार स्थित पीएनबी के म्यूल अकाउंट के जरिए ठगी की रकम का लेन-देन करता था। पुलिस डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर आरोपी तक पहुंची।

जयपुर। माणकचौक थाना पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘म्यूल हंटर’ अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए साइबर ठग गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के एक आरोपी महेश बबेरवाल (24) को गिरफ्तार किया है। आरोपी दौसा जिले के लवाण का रहने वाला है और वर्तमान में जयपुर के कानोता थाना क्षेत्र में किराए पर रह रहा था।

पुलिस के अनुसार, माणकचौक थाने में 18 सितंबर को दर्ज प्रकरण की जांच में सामने आया कि जौहरी बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा का एक खाता साइबर ठगी की रकम के लिए म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल हो रहा था। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर जांच करने पर खाते के खिलाफ राजस्थान, बिहार और गुजरात से जुड़ी चार साइबर शिकायतें मिलीं। ठगी की रकम पहले इसी खाते में पहुंचाई गई और बाद में नकद निकालकर अथवा दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई।

डिजिटल फुटप्रिंट से आरोपी तक पहुंची पुलिस

प्रकरण दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने बैंक स्टेटमेंट, केवाईसी दस्तावेज और साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए केवाईसी में दर्ज पता और मोबाइल नंबर बदल दिए थे। इसके बाद पुलिस ने नए मोबाइल नंबर, डिजिटल फुटप्रिंट, नेटवर्क गतिविधियों और आईपी व टावर लोकेशन का विश्लेषण किया। रियल टाइम लोकेशन मिलने के बाद दो दिन तक तकनीकी निगरानी रखकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

Read More निजी अस्पतालों, लैब और डॉक्टरों की बनेगी डिजिटल आईडी, एचएमआईएस सॉफ्टवेयर अपनाने पर रहेगा विशेष जोर

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि गिरोह आम लोगों की निजी जानकारी जुटाकर फर्जी कॉल, एसएमएस, ओटीपी और फिशिंग लिंक के जरिए उन्हें झांसे में लेता था। इसके बाद बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर रकम म्यूल खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। रकम निकालकर गिरोह के सदस्य उसे मौज-मस्ती में खर्च करते थे। पहचान छिपाने के लिए गिरोह लगातार सिम कार्ड बदलता था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों और साइबर ठगी के अन्य मामलों के खुलासे की उम्मीद है।

Read More अब लकवाग्रस्त भी चल सकेंगे? इस रोबोटिक सूट ने जगाई नई उम्मीद

Post Comment

Comment List

Latest News

कश्मीर में तड़के LOC पर हलचल : फिर गूंजने लगीं गोलियां, घुसपैठ की कोशिश नाकाम कश्मीर में तड़के LOC पर हलचल : फिर गूंजने लगीं गोलियां, घुसपैठ की कोशिश नाकाम
कुपवाड़ा में एलओसी पर शनिवार तड़के घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी गई। जुमगुंड इलाके में सुबह 3 से 4...
ट्रंप का यू-टर्न! भारत पर 100% टैरिफ का खतरा टला, लेकिन कब तक?
कांग्रेस ने जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्यों की सूची जारी की, पढ़े पूरी खबर 
भारतीयों को मारने का 2 साल से बना रहा था खूनी खेल! अमेरिकी हिंदू मंदिर क्यों था निशाने पर?
नियमों में संशोधन, निजी स्कूलों के शिक्षक भी करेंगे जनगणना का कार्य
बार-बार बदल रहा मौसम : घर-घर में लोग बीमार; अस्थमा, एलर्जी और सांस के मरीजों की बढ़ी परेशानी
कोटा में किडनी फेल होने से एक प्रसूता की मौत, दूसरी आईसीयू में