खेत से बाजार तक बदलेगी कृषि उपज की तस्वीर, हर जिले में बनेंगे फूड पार्क
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद
जयपुर। राजस्थान में अब कृषि उपज को सीधे बाजार में बेचने के बजाय उसके प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन पर जोर दिया जाएगा। राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने और कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान फूड पार्क विकास नीति-2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत हर जिले में क्लस्टर आधारित फूड पार्क चरणबद्ध रूप से विकसित किए जाएंगे। फूड पार्कों में कृषि उत्पादों के संरक्षण, भंडारण, प्रसंस्करण और परिवहन की एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे किसानों और उत्पादक समूहों को प्रसंस्करण इकाइयों तथा बड़े बाजारों से जोड़कर मजबूत सप्लाई चेन तैयार की जाएगी।
कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग स्थानीय स्तर पर होने से किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिलने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है। नीति में फूड पार्कों की स्थापना को भूमि स्वामित्व और विकास संबंधी मानदंडों के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा गया है। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 के तहत फूड पार्क के लिए एमओयू करने वाले विकासकर्ताओं को प्राथमिकता मिलेगी। वहीं कम से कम 10 करोड़ रुपये के निवेश से एंकर फूड प्रोसेसिंग इकाई लगाने के इच्छुक विकासकर्ताओं को भी वरीयता दी जाएगी।

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