केरल चुनाव 2026: कांग्रेस की सक्रियता बढ़ी; राहुल गांधी संभाल रहे कमान, सिर्फ 9 महिलाओं को ही टिकट दिया
राहुल गांधी ने संभाली कमान, टिकट वितरण पर कलह
केरल विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी ने यूडीएफ (UDF) के लिए मोर्चा संभाल लिया है। हालांकि, 92 में से केवल 9 महिलाओं को टिकट मिलने पर प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने नाराजगी जताई है। राहुल गांधी ने उम्मीदवारों के चयन में सर्वे रेटिंग और जातीय समीकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं, जबकि कई दिग्गज नेता टिकट न मिलने से बगावती तेवर अपना रहे हैं।
तिरूवंतपुरम। केरल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की तत्परता में गंभीरता की भी झलक मिलती है। विधानसभा के लिए चुनाव तो पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुड्डुचेरी में भी हो रहे हैं, लेकिन कांग्रेस का ज्यादा जोर केरल में ही नजर आ रहा है। राहुल गांधी खुद केरल चुनाव कैंपेन की शुरूआत करने जा रहे हैं। केरल के कोझिकोड बीच ग्राउंड पर राहुल गांधी कांग्रेस की रैली भी करेंगे। राहुल गांधी पिछली बार भी सबसे ज्यादा केरल में भी एक्टिव देखे गए थे। केरल के लोगों से कनेक्ट होने के चक्कर में राहुल गांधी ने उत्तर भारतीयों की राजनीतिक समझ पर ऐसी टिप्पणी कर डाली थी कि बवाल मच गया था।
हाल ही में, राहुल गांधी ने सोशल साइट पर लिखा था, यूडीएफ की टीम ही केरल की टीम है। केरल जीतेगा, यूडीएफ नेतृत्व करेगा। केरल के साथ अपना लगाव जताते हुए राहुल गांधी ने लिखा, मेरे लिए केरल मेरा घर है, और यहां के लोग मेरा परिवार हैं, लोगों ने मुझे जो सिखाया है, और जो प्यार और अपनापन दिया है, उसके लिए मैं उनका ऋणी हूं, मैं हमेशा आपके साथ खड़ा रहूंगा। और फिर दावा करते हैं, केरल से जो संदेश मिल रहा है, वह बिल्कुल साफ है, लोग बदलाव चाहते हैं। वे ऐसी सरकार चाहते हैं जो उनकी बात सुने, उन्हें समझे और ईमानदारी से काम करे। 2019 में राहुल गांधी केरल के वायनाड से ही संसद पहुंचे थे, चुनाव तो 2024 में भी जीते थे, लेकिन रायबरेली के लिए छोड़ दिए। अब उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड का प्रतिनिधित्व करती हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव में उनको असम भेज दिया गया है-और केरल की कमान राहुल गांधी स्वयं संभाल रहे हैं। साथ में, उनके सबसे भरोसेमंद कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल तो मोर्चे पर डटे
हुए हैं ही।
केरल कांग्रेस की गुटबाजी और नेताओं की नाराजगी
केरल में विपक्षी गठबंधन यूडीएफ की अगुवाई कर रही कांग्रेस 92 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है। बाकी सहयोगी दलों के लिए हिस्से में गई हैं। केरल में विधानसभा की 140 सीटें हैं। 2021 के चुनाव में कांग्रेस 93 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस के 21 विधायक चुनकर आए थे। राहुल गांधी के टिकट बंटवारे को लेकर नाराजगी जाहिर करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हाल ही में विशेष बैठक बुलाई थी। बैठक रात 10:30 बजे शुरू होकर आधी रात के बाद 2:30 बजे तक चली। देर रात तक चलने वाली कांग्रेस की यह हाई लेवल बैठक अक्सर होती, ऐसा नहीं देखा गया है।
मैराथन बैठक के बाद भी कांग्रेस नेताओं की नाराजगी ही सामने आई। कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने उम्मीदवारों की लिस्ट में महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर सवाल भी उठाए। शमा मोहम्मद का कहना था कि 92 में से सिर्फ 9 महिलाओं को ही टिकट दिया गया। वैसे 2021 में भी करीब-करीब ऐसा ही देखने को मिला था। तब 93 उम्मीदवारों में 10 महिलाओं को टिकट मिला था। कांग्रेस नेता के. सुधाकरन ने कन्नूर से चुनाव लड़ने की मांग की थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। बताते हैं कि शमा मोहम्मद भी कन्नूर से टिकट की चाहती थीं। पर राहुल गांधी को टैग करते हुए शमा मोहम्मद ने लिखा, इनकार हुआ है, लेकिन हौसला नहीं टूटा है, मैं अपने नेता राहुल गांधी जी से, जिनका मैं आदर और सम्मान करती हूं, विनम्र अपील करती हूं कि वे केरल में कांग्रेस की महिला कार्यकतार्ओं की मदद करें। 92 में से सिर्फ 9 टिकट ही महिलाओं को दिए गए, 2024 के लोकसभा चुनाव में 16 टिकटों में से केवल 1 महिला को मौका मिला, अगर कोई महिला प्रतिभाशाली भी हो, तो उसकी स्थिति और भी मुश्किल हो जाती है। यह बेहद दुखद है।
केरल यूनिट की तरफ से बांटे गए टिकटों पर असंतोष जताया
कांग्रेस नेता के. सुधाकरन ने तो टिकट नहीं मिलने पर कांग्रेस छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी तक दे डाली है। कांग्रेस ने कन्नूर से टी ओ मोहनन को टिकट दिया है। असल में, रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने केरल यूनिट की तरफ से बांटे गए टिकटों पर असंतोष जताया था। राहुल गांधी का कहना था कि सिर्फ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से नॉमिनेट किए गए नेताओं को ही टिकट न दे दिए जाएं, बल्कि उम्मीदवारों की सूची में जातीय समीकरण, चुनावी ट्रैक रिकॉर्ड, सर्वे रेटिंग और जिला कांग्रेस कमिटियों के फीडबैक को भी शुमार किया जाए।

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