राहुल गांधी को बड़ी राहत: अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी मामले में फिर टली सुनवाई, 27 मार्च को होगी अगली सुनवाई
राहुल गांधी मानहानि मामला: सुल्तानपुर कोर्ट में सुनवाई 27 मार्च तक टली
गृहमंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ सुनवाई सोमवार को टल गई। वादी विजय मिश्रा की अनुपस्थिति के कारण न्यायालय ने अब 27 मार्च की तिथि नियत की है। वादी पक्ष ने राहुल गांधी के बयानों के ऑडियो-वीडियो साक्ष्यों का उनकी असली आवाज से मिलान कराने की मांग की है।
सुलतानपुर। लोकसभा में विपक्ष के नेता और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ गृहमंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी मामले में सुनवाई सोमवार को वादी मुकदमा भाजपा नेता विजय मिश्रा के गैर हाजिर होने के कारण टल गई है। न्यायालय अब इस मामले में 27 मार्च को सुनवाई करेगी।
वादी के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने आज यहां बताया कि उन्होंने पिछली पेशी पर अदालत में एक प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें मांग की गई है कि राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयानों के ऑडियो और वीडियो साक्ष्य पेश किए गए हैं, उनका मिलान राहुल गांधी की असली आवाज से कराया जाए। विजय मिश्रा की अनुपस्थिति के कारण कोर्ट ने 27 मार्च की तारीख तय की है, जहाँ मामले में बहस होगी।
भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अक्टूबर 2018 में यह परिवाद दर्ज कराया था। इस मामले में 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपए के दो मुचलकों पर जमानत दी थी। 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने पुनः एमपी/एमएलए कोर्ट में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए इसे एक राजनीतिक साजिश करार दिया था। राहुल गांधी के बयान के बाद, कोर्ट ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद से लगातार गवाह पेश किए जा रहे थे।
20 फरवरी को राहुल गांधी ने एमपी/एमएलए कोर्ट में उपस्थित होकर सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया था। कोर्ट ने राहुल गांधी को अपनी बेगुनाही के संबंध में सफाई और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए 9 मार्च की तिथि नियत की थी, लेकिन राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने कोर्ट में कोई सफाई या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद कोर्ट के न्यायाधीश शुभम वर्मा ने मामले में बहस के लिए अगली तारीख 27 मार्च नियत की है।

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