अशोक गहलोत ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार को घेरा : अस्पतालों में खून की कमी और योजनाएं रुकीं, आरजीएचएस बकाया और दवाइयों की कमी पर जताई चिंता
हम जनता की पीड़ा की आवाज बन रहे
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्वास्थ्य सेवाओं में उपेक्षा पर भाजपा सरकार पर निशाना। आरजीएचएस बकाया, चिरंजीवी योजना शिथिल और अस्पतालों में खून व दवाइयों की कमी को गंभीर। गहलोत ने निजी ब्लड बैंकों पर लगी रोक हटाने और जनता की पीड़ा दूर करने का आग्रह।
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि राजस्थान का सुदृढ़ स्वास्थ्य ढांचा आज उपेक्षा का शिकार होकर दरक रहा है। गहलोत ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि हमारी कांग्रेस सरकार द्वारा स्थापित विश्वस्तरीय हेल्थ मॉडल को वर्तमान सरकार धराशाई कर रही है। आरजीएचएस के अंतर्गत बकाया भुगतान न होने के कारण एक बार फिर निजी अस्पतालों ने ओपीडी और फार्मेसी सेवाएं रोकने की तैयारी कर ली है, जिससे कर्मचारी और पेंशनर्स अधर में हैं। साथ ही, चिरंजीवी योजना को शिथिल कर प्रदेशभर के अस्पतालों में इलाज में देरी और आवश्यक दवाइयों की भारी किल्लत पैदा कर दी गई है। जयपुर के एसएमएस और जनाना अस्पताल जैसे बड़े केंद्रों में खून की भारी कमी एक बड़ी हेल्थ इमरजेंसी है, जो प्रदेशवासियों के जीवन के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
सरकार को चाहिए कि निजी ब्लड बैंकों पर लगी रोक अविलंब हटाए ताकि मरीजों की समस्याओं का समाधान हो सके। चाकसू विधानसभा क्षेत्र के 108 साल के बुजुर्ग गोलूराम माली ने मेरे से मिलने की इच्छा जताई जिनसे मैं कल शाम उनके गांव जाकर मिला। वहां इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने भी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र में रोकी गई योजनाओं को लेकर भाजपा सरकार के प्रति रोष जताया। जब मैं सोशल मीडिया के माध्यम से जनता की इन बुनियादी समस्याओं को उठाता हूँ, तो सरकार समाधान निकालने के बजाय अपने इवेंट्स में मुझ पर व्यक्तिगत कमेंट्स करने में व्यस्त रहती हैं। उन्हें समझना चाहिए कि हम जनता की पीड़ा की आवाज बन रहे हैं।

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