राजस्थान में ऑनलाइन शिक्षा का विस्तार, महिलाओं की भागीदारी अभी भी कम
2023 में 5% से बढ़कर 2025 में 13% तक पहुंच गई
कॉलेज विद्या रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान ऑनलाइन शिक्षा में तेजी से उभर रहा, हिस्सेदारी 5% से बढ़कर 13%। युवाओं, खासकर 21-30 आयु वर्ग का योगदान प्रमुख। परास्नातक नामांकन 52% पहुंचा। महिलाओं की भागीदारी सिर्फ 22%।
जयपुर। ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान तेजी से उभरता हुआ राज्य बनकर सामने आया है। कॉलेज विदया के हालिया आंकड़ों के अनुसार, राज्य की हिस्सेदारी 2023 में 5% से बढ़कर 2025 में 13% तक पहुंच गई है। यानी अब देश में हर आठ ऑनलाइन शिक्षार्थियों में से एक राजस्थान से है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस वृद्धि में 21-30 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका है, खासकर 21-25 वर्ष के कामकाजी युवा ऑनलाइन शिक्षा की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। परास्नातक पाठ्यक्रमों में नामांकन 52% तक पहुंच गया है, जो यह दर्शाता है कि लोग नौकरी के साथ-साथ अपनी पढ़ाई जारी रखकर करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
हालांकि, इस विकास के बीच लैंगिक असमानता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कुल ऑनलाइन शिक्षार्थियों में महिलाओं की भागीदारी केवल 22% है, यानी हर पांच में से सिर्फ एक महिला ही ऑनलाइन शिक्षा से जुड़ पा रही है। कोर्स चयन में भी रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का दबदबा है। स्नातक स्तर पर BCA (50%) और BBA (31%) लोकप्रिय हैं, जबकि परास्नातक स्तर पर MBA (55.3%) सबसे आगे है। कॉलेज विद्या के सीईओ रोहित गुपता ने बताया कि ऑनलाइन शिक्षा ने करियर उन्नति के नए अवसर खोले हैं, लेकिन महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए अभी और प्रयासों की आवश्यकता है।

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