जलदाय विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल, हक का पानी मांगने पर भी नहीं हो रही सुनवाई
अवैध कनेक्शन क्यों नहीं हटाए जा रहे?
माता का कुंड, चांदपोल और आसपास के क्षेत्रों में भीषण पेयजल संकट से लोग परेशान। क्षेत्रवासियों ने जलदाय विभाग पर पक्षपातपूर्ण जल वितरण और शिकायतों की अनदेखी का आरोप।
जोधपुर। शहर के माता का कुंड, चांदपोल, पटवों की गली, कोलारी का मोहल्ला एवं आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों भीषण पेयजल संकट बना हुआ है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई दिनों से पानी की आपूर्ति बाधित है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान के बजाय फोन बंद कर बैठ जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में विभागीय कर्मचारियों एवं प्रभावशाली लोगों का निवास है, वहां 8 से 10 घंटे तक नियमित पानी की आपूर्ति हो रही है, जबकि आम जनता अपने हिस्से के पानी के लिए तरस रही है। जब इस संबंध में शिकायत की जाती है तो जवाब मिलता है कि यह सप्लाई का पानी नहीं बल्कि लाइन लीकेज का पानी है।
क्षेत्रवासियों ने सवाल उठाया है कि जब विभाग को स्वयं पता है कि लाइन लीकेज है, तो उसे आज तक ठीक क्यों नहीं कराया गया? अवैध कनेक्शन क्यों नहीं हटाए जा रहे? यदि कुछ क्षेत्रों में प्रतिदिन पानी पहुंच सकता है तो बाकी क्षेत्रों को उनके हिस्से का पानी क्यों नहीं मिल रहा। कोतवाली के ऊपर नवचौकिया, सुनारों की गली सहित कुछ क्षेत्रों में प्रतिदिन पानी आने की बात सामने आ रही है, जिससे जल वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जलदाय विभाग की कार्यप्रणाली पूरी तरह असंतुलित एवं पक्षपातपूर्ण नजर आ रही है। आक्रोशित क्षेत्रवासियों का कहना है कि अधिकारी केवल बैठकों में बड़े-बड़े दावे करते हैं कि पेयजल समस्या उनकी प्राथमिकता है, लेकिन धरातल पर हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। कई बार अधीक्षण अभियंता (SE) जलदाय विभाग को भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कर्मचारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना भी उचित नहीं समझ रहे हैं।

Comment List