विदेशों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच शेयर बाजारों में गिरावट: बैंकों और वित्तीय कंपनियों पर दबाव, इन कंपनियों में दिखा एक्शन
विदेशी दबाव और बैंकिंग शेयरों की गिरावट से सेंसेक्स पस्त
वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और बैंकिंग दिग्गजों में भारी बिकवाली के कारण शुक्रवार को बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। सेंसेक्स 516 अंक लुढ़का, जिसमें SBI का शेयर सर्वाधिक गिरा। हालांकि, आईटी और टाइटन जैसे शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की, पर चौतरफा दबाव से निवेशकों में निराशा रही।
मुंबई। विदेशों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को गिरावट रही और बैंकिंग तथा वित्तीय कंपनियों पर सबसे अधिक दबाव देखा गया। बीएसई का सेंसेक्स 516.33 अंक (0.66 प्रतिशत) टूटकर 77,328.19 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 150.50 अंक यानी 0.62 प्रतिशत नीचे 24,176.15 अंक पर बंद हुआ। वृहत बाजार में अधिकतर सूचकांक लाल निशान में रहे। हालांकि निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.06 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.22 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।
दूसरे प्रमुख एशियाई बाजारों में गिरावट से भी निवेश धारणा प्रभावित हुई। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजारों में भी गिरावट देखी जा रही है। बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों पर सबसे अधिक दबाव रहा। तेल एवं गैस, धातु और रियलटी समूहों के सूचकांकों में भी ज्यादा गिरावट देखी गयी। आईटी समूह में सबसे अधिक लिवाली देखी गयी। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों में भी निवेशकों ने पैसा लगाया।
सेंसेक्स की कंपनियों में भारतीय स्टेट बैंक का शेयर साढ़े छह फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया। एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, टाटा स्टील और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत तक टूट गये। ट्रेंट, बजाज फिनसर्व और इटरनल में भी गिरावट रही। टाइटन का शेयर पौने पांच प्रतिशत उछला। एशियन पेंट्स में करीब तीन फीसदी की बढ़त रही। अडानी पोर्ट्स, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा के शेयरों में भी तेजी रही। सन फार्मा, हिंदुस्तान यूनीलिवर, एनटीपीसी, भारती एयरटेल, कोटक महिंद्रा बैंक और इंडिगो के शेयर भी हरे निशान में बंद हुए।

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