ऑपरेशन विषभीषण : ANTF का तगड़ा प्रहार, 58 किलो अफीम जब्त कर बचाईं करोड़ों ज़िंदगियाँ
संपर्कों की पुष्टि की और लगातार उसकी निगरानी शुरू
राजस्थान में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लगभग 58 किलोग्राम अफीम जब्त की है, जिसकी बाजार कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही। इस कार्रवाई को “ऑपरेशन विषभीषण” नाम दिया गया है, जिसमें कुख्यात तस्कर भंवर सिंह और उसके बेटे जितेंद्र सिंह को फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार किया।
जयपुर। राजस्थान में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लगभग 58 किलोग्राम अफीम जब्त की है, जिसकी बाजार कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई को “ऑपरेशन विषभीषण” नाम दिया गया है, जिसमें कुख्यात तस्कर भंवर सिंह और उसके बेटे जितेंद्र सिंह को फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार किया गया। फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी, महीनों की निगरानी का नतीजा ANTF लंबे समय से भंवर सिंह की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। वर्ष 2013 में 22 किलो अफीम तस्करी के मामले में जेल जा चुका भंवर सिंह रिहा होने के बाद फिर से इसी अवैध धंधे में सक्रिय हो गया था। खुफिया सूचनाओं के आधार पर टीम ने चित्तौड़ क्षेत्र में उसके संपर्कों की पुष्टि की और लगातार उसकी निगरानी शुरू की।
सूचना मिलने पर टीम सांवरिया सेठ मंदिर पहुंची, जहां आरोपी रात में रुका हुआ था। अगले दिन भंवर सिंह दो गाड़ियों के काफिले में अफीम लेकर देवगढ़-कमली घाट के रास्ते जोधपुर की ओर रवाना हुआ। ANTF की टीम ने घेराबंदी कर दोनों गाड़ियों के टायर फोड़ दिए और पीछा कर आरोपियों को धर दबोचा। बाप-बेटे की जोड़ी: तस्करी का खतरनाक नेटवर्क इस मामले में खास बात यह रही कि भंवर सिंह खुद एक कार में अफीम लेकर चल रहा था, जबकि उसका बेटा जितेंद्र सिंह दूसरी कार में एस्कॉर्ट कर रहा था। बेटा लगातार रास्ते की जानकारी देकर पिता को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहा था। ANTF ने पहले बेटे की कार को निकलने दिया और फिर सही समय पर दोनों को एक-एक कर पकड़ लिया।

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