ट्रांसजेंडर विधेयक के खिलाफ ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ताओं ने की राहुल गांधी से मुलाकात: समुदायों से जुड़े लोगों, की कानूनी पहचान और संरक्षण खतरे में पड़ने का लगाया आरोप
राहुल गांधी का समर्थन: ट्रांसजेंडर अधिकारों के लिए कांग्रेस एकजुट
ट्रांसजेंडर कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात कर केंद्र के प्रस्तावित विधेयक का विरोध किया। उन्होंने आत्म-पहचान के अधिकार और अमानवीय मेडिकल जांच पर चिंता जताई। राहुल गांधी ने इसे संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताते हुए संसद में विधेयक का कड़ा विरोध करने और ट्रांसजेंडर समुदाय की गरिमा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
नई दिल्ली। देशभर से ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को संसद में नेता विपक्ष लोकसभा राहुल गांधी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान प्रियंका गांधी समेत पार्टी के वरिष्ठ सांसद और नेता भी मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के प्रस्तावित ट्रांसजेंडर पर्सन्स बिल का विरोध करते हुए कहा कि यह विधेयक उनकी आत्म-पहचान के अधिकार को कमजोर करता है, जिसे उच्चतम न्यायालय ने मान्यता दी है। उनका कहना था कि इस बिल के लागू होने से लाखों ट्रांसजेंडर खासकर पारंपरिक समुदायों से जुड़े लोगों, की कानूनी पहचान और संरक्षण खतरे में पड़ सकते हैं। कार्यकर्ताओं ने बिल के कुछ प्रावधानों को अमानवीय और दंडात्मक बताते हुए अनिवार्य मेडिकल जांच, पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना दंडात्मक प्रावधानों और मौजूदा अधिकारों में कटौती पर भी चिंता जताई।
राहुल गांधी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों और गरिमा के साथ खड़ी है और इस विधेयक का संसद में विरोध करेगी। राहुल गांधी ने इसे खुला हमला करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार का ट्रांसजेंडर व्यक्ति (संशोधन) विधेयक ट्रांसजेंडर लोगों के संवैधानिक अधिकारों और पहचान पर एक खुला हमला है। उन्होंने कहा ट्रांसजेंडर लोगों से अपनी पहचान स्वयं निर्धारित करने का अधिकार छीनता है, जो उच्चतम न्यायालय के फैसले का उल्लंघन है। यह देशभर के विभिन्न समुदायों की सांस्कृतिक पहचान को खत्म करता है और ट्रांसजेंडर लोगों को मेडिकल बोर्ड के समक्ष अमानवीय जांच के लिए मजबूर करता है।

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