उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने किया सिंग, डांस एंड लीड पुस्तक का विमोचन
श्रील प्रभुपाद के नेतृत्व सिद्धांतों पर नई पुस्तक का विमोचन
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 'सिंग, डांस एंड लीड' पुस्तक का विमोचन किया। डॉ. हिंडोल सेनगुप्ता द्वारा लिखित यह पुस्तक श्रील प्रभुपाद के मूल्यों, सेवा और अनुशासन पर आधारित नेतृत्व सिद्धांतों को दर्शाती है।
नई दिल्ली। भारत के माननीय उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति भवन में श्रील प्रभुपाद के नेतृत्व सिद्धांतों पर आधारित पुस्तक सिंग, डांस एंड लीड का विमोचन किया। पुस्तक के लेखक इतिहासकार प्रो. (डॉ.) हिंडोल सेनगुप्ता हैं और इसका प्रकाशन पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा किया गया है। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि भारत एक सभ्यतागत नेता रहा है, जिसकी परंपराओं में मूल्यों, सेवा और आत्म-अनुशासन पर आधारित नेतृत्व की गहरी समझ निहित है।
उन्होंने कहा कि श्रील ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद का जीवन इसी परंपरा का सशक्त उदाहरण है, जो उद्देश्य, विनम्रता और नैतिक स्पष्टता पर आधारित नेतृत्व को दर्शाता है। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता इस्कॉन बेंगलुरु के अध्यक्ष एवं अक्षय पात्र फाउंडेशन के संस्थापक-अध्यक्ष मधु पंडित दास तथा इस्कॉन बेंगलुरु के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं अक्षय पात्र के सह-संस्थापक चंचलपति दास ने की। समारोह में देशभर से अनेक प्रतिष्ठित नेता, विचारक और प्रभावशाली व्यक्तित्व शामिल हुए।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि सिंग, डांस एंड लीड नेतृत्व को सत्ता नहीं, बल्कि मूल्य, सेवा, अनुशासन और आनंद पर आधारित जीवन-पद्धति के रूप में प्रस्तुत करती है। उन्होंने श्रील प्रभुपाद के जीवन को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनका नेतृत्व यह सिद्ध करता है कि मूल्य और प्रयास से किसी भी आयु में परिवर्तन संभव है। उपराष्ट्रपति ने अक्षय पात्र फाउंडेशन के कार्यों की सराहना करते हुए इसे आध्यात्मिक प्रेरणा से प्रेरित व्यापक जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
पुस्तक युवाओं और भावी नेतृत्वकर्ताओं के लिए अत्यंत उपयोगी
संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पुस्तक को नेतृत्व की नई परिभाषा देने वाली बताया और कहा कि श्रील प्रभुपाद का जीवन यह दर्शाता है कि नेतृत्व आंतरिक आह्वान और नैतिक स्पष्टता से उत्पन्न होता है। मधु पंडित दास ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुस्तक विशेष रूप से युवाओं और भावी नेतृत्वकर्ताओं के लिए अत्यंत उपयोगी है। वहीं, लेखक प्रो. हिंडोल सेनगुप्ता ने इस सम्मान के लिए उपराष्ट्रपति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुस्तक प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक नेतृत्व विचारों को जोड़ने का प्रयास है।
उल्लेखनीय है कि प्रो. सेनगुप्ता की श्रील प्रभुपाद पर लिखी पूर्व पुस्तक सिंग, डांस एंड प्रेह्ण बेस्टसेलर रही है। सिंग, डांस एंड लीड को इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति, बायोकॉन की चेयरपर्सन डॉ. किरण मजूमदार-शॉ सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियों की सराहना प्राप्त हुई है। यह पुस्तक सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए प्रेरणादायी मानी जा रही है।

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