जयपुर के कलाकार लाखन सिंह की कला बोलेगी ‘साथ होने’ की भाषा, मुंबई में सोलो प्रदर्शनी 16 मार्च से
प्रदर्शनी 20 अप्रैल तक चलेगी
युवा चित्रकार लाखन सिंह जाट की सोलो पेंटिंग प्रदर्शनी “The Language of Togetherness” 16 मार्च से मुंबई के दी आर्ट सेलर में शुरू, 20 अप्रैल तक चलेगी। कला में ग्रामीण जीवन, रिश्तों की आत्मीयता और भारतीय गाँवों की सादगी झलकती। 16 वर्षों की कला साधना में उन्हें राज्य पुरस्कार और जूनियर फेलोशिप मिल चुकी।
जयपुर। जयपुर से जुड़े युवा चित्रकार लाखन सिंह जाट की सोलो पेंटिंग प्रदर्शनी “The Language of Togetherness” 16 मार्च से मुंबई में शुरू होगी। यह प्रदर्शनी दी आर्ट सेलर में आयोजित होगी और 20 अप्रैल तक चलेगी। राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट से एमएफए कर चुके लाखन सिंह जाट की कला में ग्रामीण जीवन की स्मृतियाँ, रिश्तों की आत्मीयता और भारतीय गाँवों की सादगी प्रमुख रूप से दिखाई देती है। उनकी पेंटिंग्स में जीवंत रंग, खुरदरी बनावट और शांत ग्रामीण परिवेश का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
इस नई श्रृंखला में ज्यामितीय आकृतियों और अमूर्त रूपों के माध्यम से वे गाँव के सामान्य और खास जीवन को नई संरचना में प्रस्तुत करते हैं। ‘विलेज टू Virtual वर्ल्ड’, ‘Couple in Love’ और ‘Wandering in Dreams’ जैसी श्रृंखलाओं के बाद यह उनका नया प्रयोग है। लगभग 16 वर्षों से कला साधना कर रहे लाखन को राजस्थान ललित कला अकादमी का राज्य पुरस्कार और मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर की जूनियर फेलोशिप भी मिल चुकी है। यह उनका 11वां सोलो शो है।

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