सकल जीएसटी संग्रह 2,00,000 करोड़ के पार, 8.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी
जीएसटी का नया रिकॉर्ड
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि! मार्च 2026 में सकल जीएसटी संग्रह 8.8% की बढ़त के साथ ₹2,00,064 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कुल ₹22.27 लाख करोड़ का कलेक्शन हुआ है। घरेलू राजस्व और आयात में मजबूत वृद्धि ने आर्थिक मजबूती और बेहतर कर अनुपालन का संकेत दिया है।
नई दिल्ली। सकल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह मार्च 2026 में सालाना 8.8 प्रतिशत बढ़कर 2,00,064 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सकल जीएसटी संग्रह में एक साल पहले के मुकाबले 8.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी और यह 22,27,096 करोड़ रुपये हो गया। मार्च के जीएसटी संग्रह में घरेलू राजस्व का योगदान 1,46,202 करोड़ रुपये रहा। इसमें 5.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आयात पर जीएसटी से प्राप्त राजस्व 17.8 फीसदी बढ़कर 53,861 करोड़ रुपये पर रहा।
जीएसटी के तहत मार्च में 22,074 करोड़ रुपये का रिफंड भी जारी किया गया जिससे शुद्ध राजस्व संग्रह 1,77,990 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। रिफंड में 13.8 प्रतिशत और शुद्ध जीएसटी संग्रह में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। इसके अलावा मार्च में उपकर संग्रह 177 करोड़ रुपये ऋणात्मक रहा। ऐसा उपकर संग्रह की तुलना में इस मद में जारी रिफंड के अधिक रहने के कारण हुआ है। पूरे वित्त वर्ष के दौरान संकलित 22,27,096 करोड़ रुपये के जीएसटी में घरेलू संग्रह का योगदान 6.4 प्रतिशत बढ़कर 16,31,769 करोड़ रुपये पर और आयात पर जीएसटी संग्रह का योगदान 14.1 प्रतिशत बढ़कर 5,95,327 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
वित्त वर्ष के दौरान 2,92,330 करोड़ रुपये का राजस्व जारी किया गया, जो सालाना आधार पर 17.8 प्रतिशत ज्यादा है। इस प्रकार शुद्ध जीएसटी संग्रह में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि रही और यह 19,34,766 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पूरे वित्त वर्ष को समाप्त सप्ताह में जीएसटी के साथ 99,039 करोड़ रुपये का उपकर भी एकत्र किया गया।

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