colorful satire festival
राजस्थान  जयपुर 

हंसी के तीर, व्यंग्य की धार के साथ 'कॉन्स्टिट्यूशन' क्लब में सजा व्यंग्य विहास का रंगा-रंग महोत्सव, न्यायाधीश देवेन्द्र कच्छावा भी कार्यक्रम में उपस्थित

हंसी के तीर, व्यंग्य की धार के साथ 'कॉन्स्टिट्यूशन' क्लब में सजा व्यंग्य विहास का रंगा-रंग महोत्सव, न्यायाधीश देवेन्द्र कच्छावा भी कार्यक्रम में उपस्थित शब्दों की ऐसी आतिशबाजी हुई, जिसमें ठहाकों के बीच समाज का आईना भी चमकता नजर आया। विधानसभा के समीप स्थित कॉ्स्टिटट्यूशन क्लब में पहली बार आयोजित अखिल भारतीय हास्य-व्यंग्य उत्सव व्यंग्य विहास ने जयपुर को गद्य व्यंग्य का नया मंच दे दिया। माहौल कुछ ऐसा था जैसे कवि सम्मेलन हो, बस फर्क इतना कि यहां तुकों की जगह तीखे गद्य और तालियों की जगह ठहाकों की गूंज थी।
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