global warming
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Read More... यूरोप में भीषण गर्मी का कहर: AC पर छिड़ी बहस, EU ने कहा- फैसला जनता की पसंद; Heatwave से 1300 मौतें
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By Jaipur NM
यूरोप में रिकॉर्ड गर्मी और 1,300 से अधिक मौतों के बाद एयर कंडीशनर के बढ़ते उपयोग पर बहस तेज हो गई है। हालांकि यूरोपीय आयोग ने एसी के पक्ष या विपक्ष में कोई रुख अपनाने से इनकार किया। आयोग ने कहा कि उपभोक्ताओं की पसंद में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा, जबकि ऊर्जा दक्षता और जलवायु नीति पर काम जारी रहेगा। बेहद गंभीर समस्या है ग्लोबल वार्मिंग
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By Jaipur KD
कॉरपोरेट पूंजीवादी व्यवस्था ने वैश्विक स्तर पर हमारे सामने दो बेहद गंभीर समस्याएं खड़ी कर दी हैं। जलवायु संकट : लक्ष्यों में बदलाव करना होगा
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By Jaipur
ग्लोबल वार्मिंग आधिकारिक रूप से 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर गई। प्रदेश में प्रदूषण के कारण बढ़ रहा ग्लोबल वार्मिंग और तापमान
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By Jaipur
औद्योगिक अपशिष्ट को ट्रीटमेंट करके ही बाहर निकालना चाहिए। कॉप-28 जलवायु नियंत्रित करने के लिए कमर कसे
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By Jaipur
वैज्ञानिक और पर्यावरणविद चेतावनी दे रहे हैं कि आने वाले दशकों में वैश्विक तापमान और बढ़ेगा इसलिए अगर दुनिया अब भी नहीं सतर्क होगी तो इक्कीसवीं सदी को भयानक आपदाओं से कोई नहीं बचा पाएगा। बेहद खतरनाक है दुनिया का बढ़ता तापमान
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By Jaipur
जहां सामान्यतया मार्च के महीने में अंटार्कटिका का तापमान माइनस 50 डिग्री सेल्सियस रहता है, वहीं साल 2022 के 18 मार्च को यहां का तापमान माइनस 12.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में ग्लोबल वार्मिंग बढ़ने का खतरा
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By Jaipur
संयुक्त राष्ट्र की अंतर सरकारी समिति की बैठक में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने चेतावनी देते हुए कहा कि पृथ्वी अभी जिस मोड़ पर है। विश्व भर में समुद्र की गर्मी में रिकार्ड वृद्धि
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By Jaipur
वैज्ञानिक चेंग ने अध्ययन के महत्व को समझाते हुए कहा कि अगर दुनिया को आगामी वर्षों में गर्मी से बचाना चाहते हैं तो समुद्र की गर्मी और लवणता में बदलाव को लेकर जागरूकता फैलाना जरूरी है, जिससे जलवायु परिवर्तन से निपटा जा सके। पृथ्वी के तापमान में वृद्धि : खतरे के संकेत
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By Jaipur
बढ़ती जनसंख्या, बढ़ते उद्योगों एवं विध्वंस होते वनों एवं जंगलों के कारण विश्व ‘बढ़ते तापमान’ एवं जलवायु परिवर्तन जैसी ज्वलन्त समस्याओं से जूझता हुआ विनाश के कगार पर खड़ा है। गत एक शताब्दी के दौरान पृथ्वी के औसत तापमान में लगभग 0.74 डिग्री सेंटीग्रेड की वृद्धि हुई है एवं गत पचास वर्षों के दौरान वैश्विक तापमान में वृद्धि दुगुनी हो गई है। 