दिग्विजय ने मोदी को लिखा पत्र : 9वीं-10वीं में तीसरी भाषा शामिल करने के फैसले पर रोक लगाने की मांग, कहा- यह फैसला अनियोजित और मनमाना

प्रधानमंत्री से इस कदम के खिलाफ दखल देने का आग्रह

दिग्विजय ने मोदी को लिखा पत्र : 9वीं-10वीं में तीसरी भाषा शामिल करने के फैसले पर रोक लगाने की मांग, कहा- यह फैसला अनियोजित और मनमाना
कांग्रेस नेता और शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सीबीएसई की 9वीं-10वीं में तीसरी भाषा लागू करने के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने इसे मनमाना और बिना पर्याप्त परामर्श के लिया गया निर्णय बताया। कांग्रेस का कहना है कि इससे छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।

नई दिल्ली। शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के 9वीं-10वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में तीसरी भाषा को शामिल करने के फैसले पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने इस फैसले को मनमाना और अनियोजित बताया है। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने रविवार को एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। रमेश ने बताया कि सिंह ने प्रधानमंत्री से इस कदम के खिलाफ दखल देने का आग्रह किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले को स्थापित शैक्षणिक योजना के मानकों का उल्लंघन कर और सीबीएसई की प्रबंधकीय निकाय के पहले ही लिये जा चुके निर्णयों के विपरीत लागू किया गया है।

रमेश ने अपनी पोस्ट में कहा, शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीबीएसई के 9वीं-10वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में तीसरी भाषा को मनमाने और अनियोजित तरीके से शामिल करने पर रोक लगाने की मांग की है। यह कदम खुद सीबीएसई की गवर्निंग बॉडी के अपने फैसले और शैक्षणिक योजना के सभी मानकों के सीधे खिलाफ है। कांग्रेस ने तर्क दिया है कि देश भर के लाखों छात्रों को प्रभावित करने वाले बड़े पाठ्यक्रम बदलावों को छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, राज्य सरकारों और शिक्षा विशेषज्ञों सहित सभी हितधारकों के साथ उचित विचार-विमर्श के बाद ही लागू किया जाना चाहिए। पार्टी नेताओं का मानना है कि परीक्षा और पाठ्यक्रम के ढांचे में अचानक किये गये बदलावों से छात्रों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे स्कूलों पर अतिरिक्त शैक्षणिक बोझ पड़ सकता है।

यह मुद्दा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में शामिल भाषाई प्रावधानों के कार्यान्वयन को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है। हालांकि यह नीति बहुभाषी शिक्षा की वकालत करती है और तीन भाषाओं के अध्ययन को बढ़ावा देती है, लेकिन कई विपक्षी दलों और राज्य सरकारों ने भाषा नीतियों को लागू करने के तरीके पर चिंता जतायी है, विशेष रूप से तब जब व्यापक परामर्श के बिना बदलाव किये जा रहे हैं। भारत और विदेशों में 30,000 से अधिक स्कूलों से संबद्ध सीबीएसई, राष्ट्रीय शिक्षा प्राथमिकताओं और नीतिगत उद्देश्यों के अनुरूप समय-समय पर अपने पाठ्यक्रम में संशोधन करता रहता है। हालांकि, विपक्षी नेताओं ने पाठ्यक्रम सुधारों में अधिक पारदर्शिता और अग्रिम योजना की बार-बार मांग की है, खासकर उन सुधारों में जो माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक छात्रों को प्रभावित करते हैं। संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष के इस हालिया हस्तक्षेप से भाषा शिक्षा और एनईपी ढांचे के तहत सुधारों के कार्यान्वयन पर चल रही बहस के और तेज होने की उम्मीद है।

Tags: digvijay

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होंगे 23 दल, जयराम ने कहा- लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित कर रही केन्द्र सरकार की नीतियां इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होंगे 23 दल, जयराम ने कहा- लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित कर रही केन्द्र सरकार की नीतियां
विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की सोमवार को होने वाली बैठक में 23 दलों ने भागीदारी की पुष्टि की है।...
शेखावत का राहुल गांधी के बयान पर पलटवार, बोले- पहले संस्कृति का 'स' सीखें कांग्रेस नेता, उसके बाद करे सांस्कृतिक चीजों पर टिप्पणी
हनुमान बेनीवाल का भाजपा सरकार पर हमला : खाद्य नमूनों में 22 फीसदी नमूने फेल, बोले - सफलता के ढिंढोरे पीट रही सरकार
रसोई गैस के दाम बढ़ाकर जनता को लूट रही सरकार : 12 साल में 530 रुपये की वृद्धि, खड़गे बोले- एलपीजी की कीमतों में वृद्धि पर भाजपा नेता चुप
सीएसटी टीम और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई : 23 क्विंटल डोडा पोस्त के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार, 4 करोड़ आंकी कीमत
कनाडा का बड़ा फैसला : टेक्सास में घातक 'स्क्रूवर्म' परजीवी मिलने के बाद मवेशियों के आयात पर लगाया प्रतिबंध, आपदा की घोषणा
दिग्विजय ने मोदी को लिखा पत्र : 9वीं-10वीं में तीसरी भाषा शामिल करने के फैसले पर रोक लगाने की मांग, कहा- यह फैसला अनियोजित और मनमाना