फ्रांस में भीषण गर्मी का कहर: एक हफ्ते में 1000 से अधिक लोगों की जान गई, पूरे यूरोप में हाहाकार
यूरोप में त्राहि-त्राहि
पेरिस। फ्रांस में इस हफ्ते भीषण गर्मी के कारण अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं पर अधिक बेहद बढ़ गया है और 24 जून से अब तक देश में करीब 1,000 लोगों की मौतें हुई है। देश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पार पहुंच जाने से इमरजेंसी कॉल में बेतहाशा बढ़ोतरी हो गयी है। 'पब्लिक हेल्थ फ्रांस' ने रविवार को बयान जारी कर बताया कि बुधवार (24 जून) से अब तक देश में सामान्य दिनों के मुकाबले करीब 1,000 से अधिक अतिरिक्त मौतें दर्ज की गयी हैं। एजेंसी के अनुसार, इस आपदा का सबसे ज्यादा असर उन इलाकों में देखा गया जो 'रेड हीट अलर्ट' पर थे। इनमें इले-डी-फ्रांस, नुवेल-अकिटेन, ब्रिटनी, सेंटर-वैल डी लॉयर, नॉर्मंडी और पेस डी ला लॉयर शामिल हैं। इनमें से करीब 85 प्रतिशत मौतें 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों की हुई हैं।
इस हफ्ते फ्रांस के 30 से अधिक विभागों में 'रेड हीट अलर्ट' लागू रहा। बुधवार को सबसे गर्म दिन के रूप में दर्ज किया गया था, जब 24 घंटे का औसत तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। पेरिस में आपातकालीन सेवाओं पर बढ़ते बोझ को कम करने के लिए प्रशासन ने साप्ताहिक अवकाश पर सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर रोक लगा दी थी। यही नहीं, शनिवार को होने वाले 'पेरिस प्राइड मार्च' को भी आगे के लिए टाल दिया गया है। गर्मी के चलते एफिल टॉवर और लौवरे म्यूजियम जैसी मशहूर जगहों को भी तय समय से पहले बंद किया जा रहा है।
चिलचिलाती धूप और गर्मी से राहत पाने के लिए पूरे हफ्ते लोग पार्कों और नहरों के किनारे इकट्ठा होते रहे। लेकिन प्रशासन ने बिना निगरानी वाली जगहों पर तैरने के खतरों को लेकर सख्त हिदायत जारी की है। गर्मी का यह प्रचंड रूप इस समय पूरे यूरोप में देखा जा रहा है। ब्रिटेन में भी शुक्रवार का दिन सबसे गर्म दिन रहा, जहां सफोल्क के सेंटन डाउनहैम गांव में तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा स्पेन और जर्मनी में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है।

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