बालिकाएं हमारे समाज की भावी शिल्पकार : बंगाल में बेटियों को हर पड़ाव पर कर रहे सशक्त, ममता बनर्जी ने कहा- संसाधनों की कमी के कारण कोई भी बीच में न छोड़े पढ़ाई
कई प्रमुख योजनाओं का उल्लेख किया
बंगाल में हम बालिका को केवल एक दिन नहीं मनाते, बल्कि वर्ष के हर दिन और उसके जीवन के हर मोड़ पर उसे सशक्त बनाते हैं।
नई दिल्ली।पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि बंगाल में बेटियों को सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि उनके जीवन के हर चरण में सहयोग और सम्मान दिया जाता है। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बनर्जी ने बालिकाओं को हमारे समाज की भावी शिल्पकार बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस पर मैं बंगाल और पूरे भारत की हर बेटी को अपना स्नेह और आशीर्वाद देती हूं। बंगाल में हम बालिका को केवल एक दिन नहीं मनाते, बल्कि वर्ष के हर दिन और उसके जीवन के हर मोड़ पर उसे सशक्त बनाते हैं।
बनर्जी ने कहा कि राज्य में बालिकाओं के सशक्तिकरण की यात्रा शिक्षा और वयस्कता तक निरंतर चलती है। उन्होंने सामाजिक और आर्थिक बाधाओं को दूर करने के लिए चलाई जा रही कई प्रमुख योजनाओं का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कन्या योजना को वैश्विक स्तर पर सराही गई पहल बताते हुए कहा कि इस योजना के तहत अब तक एक करोड़ से अधिक बालिकाओं को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है, ताकि वे शिक्षा से जुड़ी रहें। विद्यालय तक पहुंच आसान बनाने के लिए उन्होंने 'सबूज साथी' योजना का जिक्र किया, जिसके तहत छात्रों को साइकिल प्रदान की जाती है, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा क्षेत्र की अन्य योजनाओं-शिक्षाश्री, ऐक्यश्री, मेधाश्री और तरुणेर स्वप्न के साथ-साथ नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें और मध्यान्ह भोजन का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गरीबी या संसाधनों की कमी के कारण कोई भी लड़की पढ़ाई बीच में न छोड़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के बाद भी महिलाओं के साथ खड़ी रहती है। रूपश्री योजना के तहत विवाह के समय एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है, जबकि वयस्क महिलाओं को लक्ष्मी भंडार योजना के अंतर्गत प्रतिमाह प्रत्यक्ष नकद सहायता प्रदान की जाती है। ममता बनर्जी ने बताया कि आज लक्ष्मी भंडार योजना ने बंगाल की 2.21 करोड़ महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता दी है। यह प्रत्यक्ष सहायता महिलाओं को परिवार की मजबूत धुरी के रूप में मान्यता देती है।Þ उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं और उनके परिवारों को 'स्वास्थ्य साथी' योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज दिया जा रहा है। इन योजनाओं के परिणामों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की बेटियां आज विज्ञान प्रयोगशालाओं से लेकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों तक हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने दोहराया कि हम अपनी बेटियों को ऐसा वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहां वे स्वतंत्र रूप से सांस ले सकें, निडर होकर सीख सकें और पूरे आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व करे।नननन

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