अमेरिका में ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीयों के लिए गुड न्यूज : अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने जारी किया वीजा बुलेटिन, रोजगार आधारित कैटेगरी में भारतीय वर्कर्स को मिला अच्छा फायदा
ज्यादातर भारतीय वर्कर्स का मकसद ग्रीन कार्ड पाना होता है
वीजा बुलेटिन को किस तरह समझना है और इसमें दी गई डिटेल्स के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी में आने वाले भारतीय वर्कर्स को ग्रीन कार्ड कब तक मिल पाएगा।
नई दिल्ली। अमेरिका में ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय वर्कर्स के लिए गुड न्यूज है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने मार्च 2026 के लिए वीजा बुलेटिन जारी कर दिया है। इसमें रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड कैटेगरी में भारतीय वर्कर्स को अच्छा फायदा मिला है। लगभग हर कैटेगरी के वर्कर्स के लिए तारीखें आगे बढ़ी हैं। अमेरिका में स्थायी रूप से रहने के लिए विदेशी वर्कर्स को ग्रीन कार्ड मिलता है। ये कार्ड उन्हें अमेरिका में हर तरह की जॉब की इजाजत देता है और वे जहां चाहें, वहां रह सकते हैं। ग्रीन कार्ड पाने वाले लोगों को कुछ सालों में अमेरिकी नागरिकता भी मिल जाती है। भारत से अमेरिका जाने वाले ज्यादातर भारतीय वर्कर्स का मकसद ग्रीन कार्ड पाना होता है। ग्रीन कार्ड को लेकर 5 तरह की कैटेगरी आती हैं। रोजगार के आधार पर भारतीय वर्कर्स मुख्य तौर पर 4 कैटेगरी में आते हैं। वीजा बुलेटिन को किस तरह समझना है और इसमें दी गई डिटेल्स के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी में आने वाले भारतीय वर्कर्स को ग्रीन कार्ड कब तक मिल पाएगा।
विदेशी वर्कर अपना इमिग्रेशन स्टेटस बदल सकते हैं
वीजा बुलेटिन में बताया जाता है कि कब विदेशी वर्कर अपना इमिग्रेशन स्टेटस बदल सकते हैं। ग्रीन कार्ड पाने के सफर में वीजा बुलेटिन गाइड का काम करता है। इसमें दो प्रमुख सेक्शन होते हैं। पहला डेट्स फॉर फाइलिंग, जो ये बताता है कि विदेशी वर्कर के लिए वो कौन सी तारीख है, जब वह अपने इमिग्रेशन स्टेटस में बदलाव के लिए आवेदन कर सकता है। आसान भाषा में कहें तो डेट्स फॉर फाइलिंग में वो तारीख मालूम चलती है, जब आवेदक फॉर्म जमा कर सकता है।
औपचारिक रूप से स्थायी निवास पंजीकरण संभव
फॉर्म वह आॅफिशियल डॉक्यूमेंट है, जिसका इस्तेमाल अमेरिका में पहले से रह रहे लोग ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करने के लिए करते हैं। इसे औपचारिक रूप से स्थायी निवास पंजीकरण या स्थिति समायोजन के लिए आवेदन के रूप में जाना जाता है। इसे फाइल करने के बाद अमेरिका छोड़े बगैर ही स्थायी रूप से रहने की इजाजत मिल जाती है, भले ही अभी ग्रीन कार्ड मिला भी नहीं है। ये फॉर्म भरने के बाद जॉब करने के लिए वर्क परमिट जैसे एंप्लॉयमेंट ऑथराइजेशन डॉक्यूमेंट और ट्रैवल डॉक्यूमेंट जैसे एडवांस पेरोल मिल जाता है। वीजा बुलेटिन का दूसरा प्रमुख सेक्शन फाइनल एक्शन डेट है, जिसके जरिए ये मालूम चलता है कि आवेदक को ग्रीन कार्ड कब तक मिल जाएगा। ये एक तरह से ग्रीन कार्ड के लिए लगने वाली लाइन है, जो वीजा कैटेगरी और राष्ट्रीयता पर आधारित होती है, जो ग्रीन कार्ड मिलने की तारीख की जानकारी देती है। अगर फाइनल एक्शन डेट में जो तारीख बताई गई है, उससे पहले की तारीख में आवेदक ने ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई किया था, तो इसका मतलब है कि उसे अब ये मिलने वाला है। उसके परमानेंट रेजिडेंट बनने का रास्ता साफ हो चुका है।

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