वाराणसी धमाकों के दोषी को फांसी की सजा
दो मामलों में जिला जज ने आतंकी मोहम्मद को दोषी माना था
गाजियाबाद। वाराणसी सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी करार दिए गए आतंकी मोहम्मद को गाजियाबाद कोर्ट ने एक मामले में फांसी और दूसरे में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दरअसल 16 साल पुराने वाराणसी सीरियल ब्लास्ट केस में गाजियाबाद की जिला एवं सत्र अदालत ने 4 जून को मोहम्मद को दोषी ठहराया था। सिलसिलेवार हुए ब्लास्ट केस के दो मामलों में जिला जज ने आतंकी मोहम्मद को दोषी माना था, जबकि एक में बरी कर दिया था। इन धमाकों में 16 लोगों की मौत हो गई थी। मोहम्मद को संकट मोचन मंदिर परिसर में हुए बम विस्फोट के मामले में फांसी की सजा सुनाई गई है। दशाश्वमेध पर कुकर बम से बम कांड की साजिश रचने के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
4 लाख रुपए से अधिक का लगाया जुर्माना
गाजियाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा ने हत्या, आतंक फैलाने और विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल करने व हत्या के प्रयास के मामले में वाराणसी बम कांड में दोषी मोहम्मद को फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही संकट मोचन केस में दोषी पर 2.65 लाख और दशाश्वमेध 1.40 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
जज का रहम से इनकार
मोहम्मद पिछले 16 साल से डासना जेल में बंद है। सजा सुनाए जाने के बाद उसने बुजुर्ग मां और परिवार की हालत खराब होने की बात कहकर रहम की गुहार लगाई, लेकिन जज ने इससे इनकार कर दिया।

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